समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु करार पर संप्रग सरकार को समर्थन देने के बारे में उसने अभी कोई फैसला नहीं लिया है और इस पर तभी कदम उठाया जाएगा, जब संसद में अविश्वास प्रस्ताव आएगा। सपा ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से भी ज्यादा खतरनाक बताया है।
मुलायमसिंह के नेतृत्व वाली पार्टी ने इनेलो और तेलुगू देशम पार्टी जैसे अपने यूएनपीए सहयोगियों से आलोचना बंद करने की भी माँग की है और दावा किया है कि गुरुवार को हुई तीसरे मोर्चे की अंतिम बैठक के बाद से अब तक कुछ भी परिवर्तन नहीं हुआ है।
सपा महासचिव अमरसिंह ने कहा कि न तो कांग्रेस ने समर्थन के लिए पूछा है और न ही हमने अपने समर्थन की पेशकश की है। उन्होंने उल्लेख किया कि वाम दल परमाणु करार के मुद्दे पर सरकार को एक साल से समर्थन वापस लेने की धमकी दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्होंने कुछ नहीं किया है।
अमरसिंह ने परमाणु करार का समर्थन करते हुए कहा हम तभी फैसला करेंगे, जब संसद में अविश्वास प्रस्ताव आएगा। सपा नेता ने कहा कि जाने-माने वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने परमाणु करार को राष्ट्रहित में बताया है और उनकी बात पर विश्वास न करने का कोई कारण नहीं है।
अमर ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने उन्हें करार के बारे में बताया है और प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह सार्वजनिक रूप से यह बयान दे चुके हैं कि परमाणु करार राष्ट्रहित में है।
सपा को धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध बताते हुए अमर ने भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश से अधिक खतरनाक बताया।
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