
हालांकि श्री बुश ने डा सिंह को परमाणु समझौते के जल्द सम्पन्न होने का आश्वासन दिया । श्री बुश ने कहा कि यह समझौता संसद के जरिये इस तरीके से सम्पन्न किया जाएगा जिससे भारत संतुष्ट । श्री बुश ने व्हाइट हाउस के ओवल कार्यालय में भारतीय समयानुसार रात करीब ढाई बजे प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा हम चाहते हैं कि यह समझौता ऐसा हो जिससे आप संतुष्ट हों और हम इसे अपनी संसद से मंजूर करायें । इसलिए हम इस समझौते के संसद में यथाशीघ्र पारित होने के लिए कडी मेहनत कर रहे हैं । दोनों नेताओं की मुलाकात ४५ मिनट से भी ज्यादा चली ।
डा. सिंह ने कहा मुझे उम्मीद है कि अमरीकी संसद के समक्ष विचाराधीन यह करार ऐसे रूप में मंजूर होगा जिससे दोनों ही देश पूरी तरह संतुष्ट होंगे । जब इतिहास लिखा जाय तो इसमें सनद रहे कि राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश ने दोनों लोकतांत्रिक देशों को करीब लाने का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल किया । इस बीच सूत्रों ने बताया कि सीनेट की विदेश मामलों की समिति द्वारा करार पर १९.२ से मतदान किये जाने के बाद शुरूआती हर्षोन्माद के बाद समति ने कहा कि परमाणु परीक्षण के भारत के अधिकारों में कटौती की जाय तथा सिफारिश की कि यदि भारत परमाणु परीक्षण करता है तो उसे परमाणु सामग्री । इससे जुडे उपकरण और प्रौद्योगिकी की आपूर्ति तत्काल बंद कर दी जाय ।