
देश के दूसरे सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई का शेयर मूल्य इस साल अब तक ६० प्रतिशत तक घट चुका है। हालाँकि बैंक ने अमेरिकी वित्तीय संकट के असर से खुद को दूर बताते हुए कहा है कि उसका अमेरिकी सबप्राइम संकट में सीधे कोई धन लिप्त नहीं है। उसका ९८ प्रतिशत गैरभारतीय निवेश रेटिंग एजेंसियों ने निवेश ग्रेड में रखा है।
बैंक शेयरों में आई गिरावट पर एसबीआई म्यूचुअल फंड के कोष प्रबंधकों का कहना है कि जहाँ-जहाँ विदेशी संस्थानों ने शेयर खरीदे थे, वहाँ बिकवाली से करेक्शन हो रहा है। कई तरह की अफवाहें चल रही हैं, लेकिन ऐसा नहीं लगता कि भारतीय बैंकों के लिए इतनी बड़ी समस्या है कि उनमें से कोई टूट जाए।
निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक आईसीआईसीआई में विदेशी भागीदारी ७० प्रतिशत तक पहुँच चुकी है। बैंक ने माना कि उसका दिवालिया हो चुकी लेहमन ब्रदर्स में ८.१० करोड़ डॉलर का एक्सपोजर है।
ज्यों-ज्यों अमेरिकी वित्तीय संकट का असर बढ़ता जा रहा है, उसका असर भारतीय बाजार में भी दिखने लगा है। इसके परिणामस्वरूप शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से लगातार गिरावट का रुख बना हुआ है। बैंक का शेयर आज १२.११ प्रतिशत अथवा ६७.९५ रुपए के नुकसान से ४९३.३० रुपए रह गया।