Jul 27, 2008

निशा कोठारी को मिली राहत

मुंबई, २७ जुलाई- रामगोपाल वर्मा के चक्कर में निशा कोठारी ने अपने करियर का कबाड़ा कर डाला। उन्हें लगा कि रामू के साथ रहकर वे चोटी की नायिकाओं में शामिल हो जाएगी, इसलिए उन्होंने दूसरे निर्माताओं को घास नहीं डाली। लेकिन रामू की फिल्में ऐसी पिटी कि दूसरे निर्माता निशा के नाम से ही भागने लगे।
‘नाम बदलो किस्मत बदलो’ के फार्मूले पर चलते हुए निशा ने अपना नाम प्रियंका भी कर लिया, लेकिन कुछ नतीजा नहीं निकला। हिंदी फिल्मों में अपनी दाल न गलते देख निशा ने दक्षिण भारत की राह पकड़ी।
वे पहले भी तेलुगु फिल्म कर चुकी हैं और निशा को वहाँ पर फिल्में मिल गई हैं। ‘हरी ओम’ नामक फिल्म में वे शेखर और मधु शर्मा के साथ काम कर रही हैं। एक-दो फिल्में और भी उनके हाथों में हैं।
वैसे निशा का मन बॉलीवुड में ही अटका है। यदि वहाँ उनकी कुछ फिल्में सफल हो जाती हैं तो हो सकता है कि एकाध निर्माता निशा को फिर मौका दे दे। रामू तो खुद बेचारे मुसीबतों से गुजर रहे हैं।

No comments: