भारतीय नौसेना के दृष्टिकोण के बारे में एक व्याख्यान देते हुए चीफ एडमिरल मेहता ने हालांकि क्षेत्र में अल कायदा की मौजूदगी से इंकार किया लेकिन उन्होंने माना कि देश की समुद्री सीमाओं के आसपास समुद्री आतंकवाद में भारी बढ़ोतरी हुई है।
मेहता ने कहा, ''हिंद महासागर में समुद्री आतंकवाद को बढ़ावा मिला है। इस क्षेत्र में सशस्त्र हमले बढ़े हैं और इनसे निपटने के लिए बहुराष्ट्रीय सहयोग की आवश्यकता है।''
उल्लेखनीय है कि हिंद महासागर अटलांटिक और प्रशांत महासागरों को जोड़ता है इसलिए इसके समुद्री मार्गों पर भारी यातायात रहता है। विश्व के कुल पेट्रोलियम आयात का दो तिहाई इसी मार्ग से गुजरता है। यहां स्थित मलक्का खाड़ी से रोजाना 200 जहाज गुजरते हैं।
नौसेना प्रमुख ने कहा कि समुद्री आतंकवाद से निपटने के लिए बेहतर मानव संसाधन प्रबंधन और खुफिया जानकारी के आदान प्रदान समेत अन्य उपायों की आवश्यकता है।
मेहता ने समुद्री मामलों के प्रबंधन के लिए एक अलग संस्था बनाए जाने की जरूरत पर बल देते हुए कहा कि इससे संबंधित मामलों में तुरंत निर्णय लेने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि वर्तमान में मत्स्यपालन और अन्य कार्य कृषि मंत्रालय के अंतर्गत हैं जबकि जहाजरानी एक अलग मंत्रालय है।
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