Jul 1, 2008

ब्राह्मण समाज के लोग भी करेंगे गावों में सफाई कार्य

उत्तरप्रदेश में मायावती सरकार के निर्णय के अनुसार ब्राह्मण समाज के लोगों को गाँव में सफाईकर्मियों के तौर पर भर्ती किए जाने के बाद सफाई करनी पड़ेगी।
सरकार ने प्रदेश के हर गाँव में सफाईकर्मी नियुक्त करने का निर्णय लिया है। इनमें ब्राह्मणों ने भी भर्ती के लिए आवेदन किया है।
सरकारी सूत्रों ने बताया कि प्रदेश के प्रमुख सचिव आरके शर्मा द्वारा जिलाधिकारियों को भेजे गए निर्देश में प्रदेश के हर गाँव में समूह के तहत एक सफाई कर्मचारी नियुक्त किया जाना है तथा इस तरह पूरे प्रदेश में ९८ हजार से अधिक सफाई कर्मचारी तैनात किए जाने की प्रक्रिया आरंभ कर दी गई है।
नियुक्ति के लिए जो आरक्षण की व्यवस्था है, उसमें सामान्य जाति के लिए स्थान रखे गए हैं। इस कारण सामान्य जाति के आवेदन भी प्राप्त हो रहे हैं।
इनमें ब्राह्मण, ठाकुर आदि जाति के लोगों ने भी आवेदन किए हैं। यदि इनकी नियुक्ति होती है तो गाँव में ब्राह्मणों को भी सफाई करनी पड़ेगी।
सरकारी सूत्रों के अनुसार प्रदेश के पंचायतीराज विभाग ने हर गाँव में एक सफाई कर्मचारी रखने के लिए समूह 'घ' के कर्मचारी नियुक्त करने की प्रक्रिया आरंभ की है। इसमें आरक्षण की व्यवस्था है।
प्रदेशभर में लगभग ९८ हजार कर्मचारियों की नियुक्ति होना है। प्रदेश के ७० जिलों में अकेले मुजफ्फरनगर जिले में 1 हजार ३१ सफाई कर्मचारी रखे जाएँगे।
इनमें ५१६ पद सामान्य जाति के लिए हैं। सामान्य जाति में ब्राह्मण, ठाकुर आदि लोगों ने भी आवेदन किए हैं। यदि इनकी नियुक्ति होती है तो गाँव में पहली बार ब्राह्मण व ठाकुरों को भी सफाई का कार्य करना पड़ेगा।
उल्लेखनीय है कि समूह 'घ' के तहत नियुक्त सफाई कर्मचारियों को पंचायतराज विभाग के अधीन काम करना पड़ेगा तथा वेतन भी इसी विभाग से मिलेगा।
प्रदेशभर में पहली बार गाँव में नियुक्त सामान्य वर्ग में ब्राह्मण, ठाकुरों को भी सफाई का कार्य करना पडे़गा जो समाज के लिए ऐतिहासिक घटना होगी।

1 comment:

सतीश पंचम said...

सोच तो विकासवादी है, बशर्ते इसका राजनीतिक इस्तेमाल न हो।