जम्मू कश्मीर सरकार ने अमरनाथ मंदिर श्राईन बोर्ड के ज़मीन देने का फ़ैसला वापस ले लिया है । मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक हुई जिसमें ये फ़ैसला किया गया कैबिनेट ने कहा है कि १०० एकड़ ज़मीन पर्यटन विभाग को सौंप दी जाएगी । इससे पहले रविवार को राज्यपाल एनएन वोहरा ने पेशकश की थी अगर सरकार ये आश्वासन दे कि वो तीर्थयात्रियों को सुविधाएँ मुहैया कराएगी तो मंदिर प्रबंधन ज़मीन वापस कर देगा ।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने कुछ दिन पहले अमरनाथ श्राईन बोर्ड को ज़मीन देने का निर्देश जारी किया था लेकिन इस पर हुए विरोध प्रदर्शन के बाद पीपुल्स डेमोक्रैटिक पार्टी यानी पीडीपी ने कांग्रेस की अगुआई वाली सरकार से समर्थन वापस ले लिया था । ज़मीन देने के विरोध में गठित एक्शन कमेटी ने श्रीनगर में कई दिनों तक प्रदर्शन किया । पीडीपी के समर्थन वापस लेने और ज़मीन आवंटन का विरोध तेज़ होने के बाद जम्मू कश्मीर के मुख्यमंत्री ग़ुलाम नबी आज़ाद ने रविवार को ज़मीन वापस लेने की पेशकश की थी ।
अमरनाथ बोर्ड को ज़मीन देने के फ़ैसले के बाद भड़की हिंसा में अब तक चार लोग मारे जा चुके हैं . उधर जम्मू में अमरनाथ मंदिर बोर्ड को दी गई ज़मीन वापस लेने के फ़ैसले का विरोध जारी है जिसके कारण आज सरकार को तीन थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगाना पडा है और जम्मू कश्मीर के बडगाम पुलिस फायरिग में १ शख्स की मौत हो गई और कुछ लोग घायल बताये जा रहे है ।
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मुसलमानों का यह विरोध उनके तंग नज़रिए को दर्शाता है. भारत में रह कर पकिस्तान जिंदाबाद के नारे लगाना शर्मनाक है.
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