Jul 5, 2008

फूट-फूटकर रो पड़ीं कमला ताई

पटना (बिहार), ६ जुलाई- राज्यपाल आर० एस० गवई को शनिवार सुबह पटना हवाई अड्डे पर स्टेट हैंगर में गार्ड आफ आनर दिये जाने के बाद विदाई दी गयी। उसके तुरंत बाद राज्यपाल सपत्‍‌नीक दिल्ली के लिए रवाना हो गये। केरल के राज्यपाल के रूप में मनोनीत श्री गवई का दिल्ली से केरल जाने का कार्यक्रम है।
श्री गवई को विदा करने के लिए पटना हवाई अड्डे पर विधानसभा अध्यक्ष उदय नारायण चौधरी, विधान परिषद के सभापति प्रो० अरुण कुमार, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार,उनके मंत्रिमंडल के सभी सहयोगी,राज्य सरकार के आला अधिकारी तथा राजभवन के अधिकारी मौजूद थे।
सूबे से रवाना होते वक्त राज्यपाल काफी भावुक हो रहे थे। उनकी धर्मपत्‍‌नी कमला ताई गवई तो अपनी भावनाओं को नियंत्रित न कर पायीं और फूट-फूट कर रो पड़ीं। वहां मौजूद लोगों की आंखें भी नम हो गयीं। भावविह्वल राज्यपाल ने कहा कि बिहार के लोगों का प्यार वह कभी नहीं भूल सकेंगे।
स्टेट हैंगर में मौजूद राज्य मंत्रिमंडल के तमाम सदस्यों के पास आकर राज्यपाल व उनकी पत्नी कमला ताई ने भेंट की। सभी ने राज्यपाल को बुके भी दिया। मुख्यमंत्री से मिलते ही राज्यपाल भी भावना में बह गये। भर्राए गले से उन्होंने कहा-'अच्छा तो अब चलते हैं।'

जौनपुर में किसान यूनियन का विभिन्न मुद्दों पर धरना

जौनपुर (उ० प्र०), ६ जुलाई- भारतीय किसान यूनियन ने शनिवार को कलेक्ट्रेट परिसर में विभिन्न मांगों को लेकर धरना दिया। इस मौके पर हुई धरनासभा को सम्बोधित करते हुये संगठन के जिलाध्यक्ष राजनाथ यादव ने कहा कि किसानों की समस्याओं पर शासन एवं प्रशासन ध्यान नहीं दे रही है।
उन्होंने कहा कि डीजल एवं पेट्रोल मूल्यवृद्घि वापस लिया जाय, तहसील एवं थाना दिवसों के प्रार्थना पत्रों पर कार्रवाई की जाय। श्री यादव ने कहा कि दो एकड़ तक के किसानों के सिंचाई, बिजली बिल माफ किये जायं, धान का समर्थन मूल्य एक हजार रूपये प्रति कुंतल घोषित किया जाय, क्रेडिट कार्ड पर ब्याज रहित किसानों को ऋण दिया जाय। इसके अलावा पशुओं के टीकाकरण करने की मांग की गयी। अन्त में जिलाधिकारी के माध्यम से प्रदेश के राज्यपाल को ज्ञापन प्रेषित किया गया।
इस मौके पर रामसनेही पटेल, जिलेदार मौर्य, मोती चन्द्र गौतम, नागेन्द्र सिंह, माता प्रसाद, शिव प्रताप सिंह, भरत लाल, विनोद चौबे, उर्मिला, कलावती, शोभा आदि ने विचार व्यक्त किया।

इंदौर: क‌र्फ्यू में दो घंटे की ढील दी गई

इंदौर, ६ जुलाई- सांप्रदायिक हिंसा की आग में झुलसे इंदौर के १३ थाना क्षेत्रों में रविवार सुबह क‌र्फ्यू में दो घंटे की ढील दी गई। क‌र्फ्यू के तीसरे दिन दी गई ढील के दौरान केवल महिलाओं को घर से बाहर निकले की अनुमति थी।
जिलाधिकारी राकेश श्रीवास्तव ने कहा कि फिलहाल शहर में शांति है और किसी अप्रिय घटना की खबर नहीं है। लिहाजा शहर के बाशिंदों की सहूलियत के मद्देनजर क‌र्फ्यू में ढील देने के क्रम को आगे बढ़ाया गया।
उन्होंने कहा कि शहर के २७ थाना क्षेत्रों में से १३ में सुबह सात बजे से नौ बजे तक सिर्फ महिलाओं को क‌र्फ्यू में ढील दी गई। इनमें शहर के खजराना, पढरीनाथ, मल्हारगंज और छत्रीपुरा थाना क्षेत्र भी शामिल हैं, जहां तीन जुलाई को सांप्रदायिक हिंसा की शुरूआत हुई थी।
श्रीवास्तव ने कहा कि ढील के दौरान प्रशासन की ओर से शहर में बगैर किसी परेशानी के सब्जी, दूध, पानी और राशन जैसी जरूरी वस्तुओं की आपूर्ति के प्रयास किए गए। पांच जुलाई को भी शहर के 11 थाना क्षेत्रों में तीन घंटे की ढील दी गई थी।
गौरतलब है कि जम्मू-कश्मीर में अमरनाथ श्राइन बोर्ड से जमीन वापस लेने के विरोध में विश्व हिंदू परिषद और भारतीय जनता पार्टी ने देशभर में तीन जुलाई को बंद का आह्वान किया था। पुलिस सूत्रों ने कहा कि इंदौर में बंद को जबरन लागू कराने की कोशिश के बाद तीन और चार जुलाई को भड़की सांप्रदायिक हिंसा में छह लोगों की मौत हो गई थी। इसके बाद प्रशासन ने शहर में अनिश्चितकाल के लिए क‌र्फ्यू लगा दिया।

पाकिस्तान में तीन हजार ने गँवाई जान

पाकिस्तान ने ११ सितम्बर २००१ के बाद से अब तक आतंकवाद के खिलाफ संघर्ष में १०८० पाकिस्तानी सैनिकों और तीन हजार से ज्यादा नागरिकों की जानें गँवाई हैं। इस दौरान साढ़े तीन हजार से ज्यादा आतंकवादी भी मारे गए हैं।
इसमें घायलों की संख्या जोड़ दें तो आँकड़ा पाँच हजार से ज्यादा पहुँच गया है। पाकिस्तान के अखबार 'द न्यूज' के एक अध्ययन और सेना के आधिकारिक प्रवक्ता से बातचीत के आधार पर अपनी रिपोर्ट में कहा कि पिछले सात वर्षों में आतंकवादी हमलों में ३०५० पाकिस्तानी नागरिक मारे गए हैं, जबकि सेना के विभिन्न अभियानों में भी लगभग इतने ही आतंकवादियों की मौत हुई है।
पाकिस्तान ने २००१ से अब तक ८१ आत्मघाती हमले झेले हैं। इस दौरान देश में हुई जातीय हिंसा में हजारों लोगों की जानें गई हैं।
रिपोर्ट के अनुसार वर्ष २००८ के पहली छमाही में पश्चिमोत्तर सीमांत प्रांत में ६६० लोग मारे गये जबकि २००७ देश में सबसे घातक रहा इस वर्ष १५०० से अधिक लोगों की मौत हुई थी ।

आडवाणी बुश से ज्यादा खतरनाक-सपा

समाजवादी पार्टी ने स्पष्ट कर दिया है कि भारत-अमेरिका असैन्य परमाणु करार पर संप्रग सरकार को समर्थन देने के बारे में उसने अभी कोई फैसला नहीं लिया है और इस पर तभी कदम उठाया जाएगा, जब संसद में अविश्वास प्रस्ताव आएगा। सपा ने भाजपा के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी को अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज बुश से भी ज्यादा खतरनाक बताया है।
मुलायमसिंह के नेतृत्व वाली पार्टी ने इनेलो और तेलुगू देशम पार्टी जैसे अपने यूएनपीए सहयोगियों से आलोचना बंद करने की भी माँग की है और दावा किया है कि गुरुवार को हुई तीसरे मोर्चे की अंतिम बैठक के बाद से अब तक कुछ भी परिवर्तन नहीं हुआ है।
सपा महासचिव अमरसिंह ने कहा कि न तो कांग्रेस ने समर्थन के लिए पूछा है और न ही हमने अपने समर्थन की पेशकश की है। उन्होंने उल्लेख किया कि वाम दल परमाणु करार के मुद्दे पर सरकार को एक साल से समर्थन वापस लेने की धमकी दे रहे हैं, लेकिन अब तक उन्होंने कुछ नहीं किया है।
अमरसिंह ने परमाणु करार का समर्थन करते हुए कहा हम तभी फैसला करेंगे, जब संसद में अविश्वास प्रस्ताव आएगा। सपा नेता ने कहा कि जाने-माने वैज्ञानिक और पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम ने परमाणु करार को राष्ट्रहित में बताया है और उनकी बात पर विश्वास न करने का कोई कारण नहीं है।
अमर ने कहा कि राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार एमके नारायणन ने उन्हें करार के बारे में बताया है और प्रधानमंत्री मनमोहनसिंह सार्वजनिक रूप से यह बयान दे चुके हैं कि परमाणु करार राष्ट्रहित में है।
सपा को धर्मनिरपेक्षता के सिद्धांतों के प्रति प्रतिबद्ध बताते हुए अमर ने भाजपा नेता लालकृष्ण आडवाणी को अमेरिकी राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश से अधिक खतरनाक बताया।

सुनीता विलियम्स नें पद्मभूषण ग्रहण किया

ह्यूस्टन, ५ जुलाई-सबसे लंबी अंतरिक्ष यात्रा करने वाली भारतीय मूल की अमेरिकी महिला अंतरिक्ष यात्री सुनीता विलियम्स ने यहां पद्मभूषण पुरस्कार ग्रहण किया। सुनीता को उनकी बेहतरीन उपलब्धियों के लिए भारत का दूसरा सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार दिया गया।
भारतीय वाणिज्य महादूत एस एम गवई ने एक समारोह में उन्हें पुरस्कार प्रदान किया। इसमें काफी संख्या में भारतीय मूल के अमेरिकी नागरिक शामिल हुए। इस वर्ष सुनीता को यह पुरस्कार देने का निर्णय किया गया था, लेकिन अपनी व्यस्तता को लेकर राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल से इसे ग्रहण करने के लिए वह दिल्ली नहीं आ सकी।
अंतरिक्ष यात्री ने सम्मान पाने पर खुशी जाहिर की। उनके साथ उनके पिता दीपक पांडया भी थे। उन्होंने कहा कि यह एक बहुत बड़ा सम्मान है और मुझे इस पर गर्व है। अंतरिक्ष में बिताए १९५ दिन के अनुभवों को याद करते हुए सुनीता ने बताया कि अंतरिक्ष से पृथ्वी सुंदर दिखाई देती है जहां किसी तरह की कोई सीमा नहीं है। उन्होंने बताया कि कभी-कभी हम सोचते हैं कि हमारे यहां सीमाएं हैं, क्योंकि यहां विभिन्न धर्मो या अलग-अलग रंग के लोग हैं। उन्होंने बताया कि यह केवल आपके मन का वहम है और यह वास्तविकता नहीं है।

पोखरण विस्फोट के प्रखर आलोचक हेम्स का निधन, बुश ने शोक जताया

वाशिंगटन, ५ जुलाई-अमेरिका के राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश ने प्रख्यात कंजरवेटिव तथा पांच बार सीनेटर रहे चुके जेसे हेम्स को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्हें स्वतंत्रता के लिए संघर्ष करने वाला अटल चैंपियर्नं बताया।
अमेरिका के स्वंतत्रता दिवस के दिन का हवाला देते हुए बुश ने कहा हेम्स दयालु उदार तथा विन्रम व्यक्ति और अमेरिका के चमत्कार्रं के रक्षक थे। शायद यही कारण है कि इस देशभक्त की मृत्यु चार जुलाई को हुई ।
८६ वर्षीय हेम्स का कल निधन हो गया था। हेम्स क्लिंटन प्रशासन में एक प्रखर रिपब्लिकन वक्ता थे। मई १९९८ में भारत के परमाणु परीक्षण के बाद हेम्स ने भारत के प्रति कठोर बयान दिया था तथा क्लिंटन प्रशासन के नई दिल्ली से अच्छे संबंध को लेकर हेम्स ने कठोर आलोचना की थी।
सीनेट के विदेश संबंध समिति के बतौर अध्यक्ष हेम्स ने भारत के परमाणु परीक्षण पर आश्चर्य जताया था।