Sep 15, 2008

वित्तीय संकठ से घिरा अमेरिका

अमेरिका, १५ सितम्बर- अमेरिका के चौथे सबसे बड़े निवेश बैंक लेहमन ब्रदर्स के दीवालिया होने से उठा यह संकठ मेरिल लिंच के बिकने से और भयानक हो गया। इसके चलते अमेरिकी आकाश पर बीते कुछ महीनों से छाए सबप्राइम संकट के बादल भी घनीभूत हो गए हैं। माना जा रहा है कि जल्द ही अमेरिका की दिग्गज बीमा कंपनी एआईजी पर भी इस संकट की छाया पड़ सकती है।
सब प्राइम बाजार के संकट ने ही अमेरिका समेत लगभग पूरे विश्व की अर्थव्यवस्था को मंदी की तरफ धकेल दिया है। इस संकट के विकराल होने का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अमेरिका के पांच प्रमुख बैंकों में से दो सिटीग्रुप और बेयर स्ट‌र्न्स इसकी चपेट में पहले ही आ चुके हैं।
संकट का ताजा शिकार लेहमन ब्रदर्स बना है। इसके चलते इसको चार अरब डालर का भारी नुकसान हुआ है। बैंक को उबारने की कोशिशें नाकाम होने के बाद लेहमन ने खुद को दीवालिया घोषित कराने के लिए आवेदन करने का फैसला किया है। दीवालिया हो जाने पर १५८ वर्ष पुराने लेहमन बैंक का अंत हो जाएगा। बैंक का मानना है कि दीवालिया घोषित होने से उसकी सहायक कंपनियों को परिचालन जारी रखने का अवसर मिलेगा।
वित्तीय संकट में फंसे लेहमन को खरीदने के लिए किसी भी वित्तीय संस्थान ने रुचि नहीं प्रदर्शित की। एक दिन पहले बैंक को सरकारी मदद देने के लिए बुलाई गई बैठक भी अमेरिकी वित्त मंत्री हेनरी पाल्सन और अमेरिका के केंद्रीय बैंक फेडरल रिजर्व के बीच सहमति न बन पाने के कारण बेनतीजा रही थी।
लेहमन की तुलना में अमेरिका का एक अन्य निवेश बैंक मेरिल लिंच थोड़ा भाग्यशाली रहा और इसको खरीदने के लिए बैंक आफ अमेरिका राजी हो गया। ५० अरब डालर के इस सौदे से विश्व की सबसे बड़ी वित्तीय सेवा कंपनी का सृजन होगा।
मीडिया रपटों के अनुसार अगर और निवेश नहीं हुआ तो एआईजी भी कुछ ही दिन चल पाएगा। एआईजी के अधिकारी परिसंपत्तिबेचते हुए धन जुटाने या निजी इक्विटी से धन हासिल करने के प्रयास कर रहे हैं।
सब प्राइम बाजार के संकट के कारण अमेरिका के वित्तीय बाजार की दिग्गज कंपनियों को अरबों डालर का चूना लगा है। इसका असर लगभग पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्थाओं पर देखने को मिल रहा है। विभिन्न समाचारों में कहा गया है कि स्थिति पर नियंत्रण के लिए फेडरल रिजर्व ने कुछ तात्कालिक कदम उठाए हैं जिनके चलते बैंक तथा प्रतिभूमि फर्मे केंद्रीय बैंक से उधारी ले सकती हैं। इस बीच सिटीग्रुप तथा क्रेडिट सुइस ग्रुप ने अपने धन का इस्तेमाल करते हुए ७० अरब डालर की ऋण सुविधा स्थापित करने पर सहमति जताई है। इसका उपयोग वित्तीय संकट से निपटने में किया जाएगा।

अमरीकी सैनिकों पर पाकिस्तान द्वारा 'हवाई फ़ायरिंग'

पाकिस्तान, १५ सितम्बर- अमरीकी सैनिकों को दक्षिणी वज़ीरिस्तान में घुसने से रोकने के लिए पाकिस्तानी सैनिकों ने हवा में गोलियाँ चलाईं। स्थानीय अधिकारियों ने यह जानकारी दी है। पिछले कुछ दिनों से पाकिस्तानी इलाक़ों में सैनिक कार्रवाई को लेकर अमरीका और पाकिस्तान में तनाव की स्थिति पैदा हो गई है ।
दक्षिणी वज़ीरिस्तान से स्थानीय अधिकारियों का कहना है कि दक्षिणी वज़ीरिस्तान से लगे अफ़ग़ानिस्तान के इलाक़े में सात अमरीकी हेलिकॉप्टर उतरे। उसके बाद अमरीकी सैनिकों ने सीमा पार करने की कोशिश की । उसके बाद ही पाकिस्तानी सैनिकों को हवा में गोलियाँ चलानी पड़ी। माना जाता है कि दक्षिणी वज़ीरिस्तान के इलाक़े से ही चरमपंथी अफ़ग़ानिस्तान में घुस कर हमला करते हैं।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ताज़ा घटना मध्यरात्रि के आसपास की है। उस समय सात अमरीकी हेलिकॉप्टर और दो चिनुक हेलिकॉप्टर ज़ोबा पर्वत श्रेणी के पास स्थित अफ़ग़ानिस्तान के पक्तिका प्रांत में उतरे। उसके बाद अमरीकी सैनिकों ने सीमा पार करने की कोशिश की. लेकिन जब वे ऐसा करने की कोशिश कर रहे थे, पाकिस्तानी अर्धसैनिक बलों ने हवा में गोलियाँ चलाईं.
स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक़ उसके बाद अमरीकी सैनिक आगे नहीं बढ़े। ख़बरों के मुताबिक़ कई घंटों तक गोलियाँ चलती रही । पाकिस्तानी सेना के एक प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि की है कि गोलीबारी हुई लेकिन उन्होंने इससे इनकार किया कि इसमें पाकिस्तानी सैनिक शामिल थे ।
पिछले सप्ताह ये जानकारी मिली थी कि अमरीका के राष्ट्रपति जॉर्ज बुश ने पाकिस्तान के अंदर चरमपंथियों के ख़िलाफ़ सैनिक कार्रवाई को मंज़ूरी दी है और इसमें पाकिस्तान सरकार की स्वीकृति नहीं ली गई । पिछले कुछ दिनों में पाकिस्तानी इलाक़ों में संदिग्ध चरमपंथी ठिकानों पर मिसाइल हमले हुए हैं। तीन सितंबर को अमरीकी हेलिकॉप्टर दक्षिणी वज़ीरिस्तान में उतरे थे। पाकिस्तान ने आधिकारिक तौर पर इसका विरोध किया था ।

लालू यादव ने शिवराज पाटिल पर निशाना साधा

नई दिल्ली, १५ सितम्बर- रेल मंत्री लालू यादव ने सोमवार को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन की अध्यक्ष सोनिया गांधी से मुलाकात कर राजधानी में हुए सिलसिलेवार बम विस्फोट के मामले में कड़ी कार्रवाई करने की मांग की और गृह मंत्रालय की अक्षमता पर क्षोभ व्यक्त किया।
यादव ने बम विस्फोट पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए इस मामले पर सर्वदलीय बैठक तथा मंत्रिमंडल की विशेष बैठक बुलाने की प्रधानमंत्री से मांग की। बताया जाता है कि रेल मंत्री ने गांधी से कहा कि आतंकी घटनाओं के मामले में पाटिल की कार्यशैली के कारण सरकार की छवि खराब हो रही है। उन्होंने पाटिल की क्षमता पर भी प्रश्नचिन्ह लगाया और कहा कि गृह मंत्री को ऐसे मामलों में अपनी कार्यकुशलता का परिचय देना चाहिए। लालू यादव ने यह भी कहा कि सर्वदलीय बैठक बुलाकर आतंकवाद की रोकथाम के लिए कड़े कदम उठाए जाने चाहिए। इन घटनाओं से जनता में प्रशासन के प्रति विश्वास घटता जा रहा है और वह खुद को काफी असुरक्षित महसूस कर रही है।
सूत्रों के अनुसार रेल मंत्री इस बात से चिंतित है कि अगर इस तरह आतंकी घटनाएं होती रही तो आने वाले चुनावों में संप्रग को नुकसान हो सकता है। यादव चाहते हैं कि इन घटनाओं का फायदा भारतीय जनता पार्टी और शिवसेना जैसी पार्टियां न उठाएं।

दिल्ली पुलिस ने सिमी से जुडे लोगों की जानकारी मांगी

इंदौर १५ सितबंर- दिल्ली में हुए बम विस्फोटो में प्रतिबंधित संगठन स्टूडेंन्टस इस्लामिक मूवमेंट आफ् इंडिया सिमी का नाम आने के बाद सिमी के बारे में इंदौर पुलिस से विस्तृत जानकारी मांगी गयी है।
पुलिस सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने सिमी सरगना सफदर नागौरी से जुडे कुछ लोगों के संबंध में मध्यप्रदेश की पुलिस से भी विशेष जानकारी देने को कहा है। उल्लेखनीय है कि इंदौर, उज्जैन और खंडवा में सिमी का नेटवर्क पाया गया था और इंदौर में ही सिमी सरगना सफदर नागौरी सहित १३ सहयोगियों को इसी साल २६ मार्च को गिरफ्तार किया गया था।
पुलिस सूत्रों के अनुसार दिल्ली पुलिस ने इंदौर के किसी फैजल नाम के सिमी कार्यकर्ता कि तलाश के लिये कहा गया है हालांकि सूत्रों ने इस बात से इंकार किया कि दिल्ली विस्फोट में इंदौर का कोई अपराधी शामिल था। सिमी के नेटवर्क को देखते हुए उन कार्यकर्ताओं ।

Sep 14, 2008

दिल्ली में हुए सीरियल धमाकों में मृतकों की संख्या २५ तक

नई दिल्ली, १४ सितम्बर- दिल्‍ली में शनिवार की शाम आतंकवादियों ने जिन सिलसिलेवार धमाकों को अंजाम दिया, उनमें मरने वालों की संख्‍या २५ पहुंच गई है। वहीं अलग-अलग अस्‍पतालों में चालीस से ज्‍यादा लोग जिंदगी और मौत से अभी भी जूझ रहे हैं।
राजधानी के व्यस्त माने जाने वाले तीन इलाकों में शनिवार शाम हुए सिलसिलेवार धमाकों से दिल्‍ली थम सी गई है। रविवार की सुबह सड़कों पर सन्‍नाटा और विस्‍फोट से प्रभावित इलाकों में कई लोगों के घरों में मातम साफ बयां कर रहा है कि यहां के लोग दहशत में हैं।
दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार करोलबाग और कनाट प्लेस इलाके से सात लोगों को हिरासत में लिया गया। पुलिस के अनुसार राजधानी के विभिन्न इलाकों में छापे भी मारे गए हैं। पुलिस ने विस्फोट के सिलसिले में सात संदिग्ध लोगों को हिरासत में लिया है।
शनिवार शाम २२ मिनट के भीतर हुए पांच सिलसिलेवार धमाकों में मरने वालों की संख्या बढ़कर २५ हो गई है, वहीं १०० से अधिक लोग घायल हुए हैं। घायलों में कई की हालत गंभीर है। पुलिस को मिली ईमेल के मुताबिक आतंकवादी संगठन इंडियन मुजाहिदीन ने इन धमाकों की जिम्मेदारी ली है। इससे पहले अहमदाबाद में २६ जुलाई को हुए धमाकों की जिम्मेदारी भी इसी संगठन ने ली थी।
मुम्‍बई के चेंबुर इलाके से पुलिस के पास आयी एक ई-मेल की बिला पर पुलिस ने प्रतिबंधित संगठन स्‍टूडेंट्स इस्‍लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया (सिमी) पर आशंका व्‍यक्‍त की है।
राजधानी के कनाट प्लेस में तीन, गेट्रर कैलाश-वन में दो और करोलबाग इलाके में एक धमाका हुआ। पहला धमाका करोल बाग के गफ्फार मार्केट में शाम ६.१५ बजे हुआ। इलेक्ट्रानिक सामान के लिए मशहूर इस बड़े बाजार में कम से कम १६ लोग मारे गए और लगभग ५० लोग घायल हो गए। कनाट प्लेस के सेंट्रल पार्क में १० सेकेंड के अंतराल पर दो धमाके हुए। दोनों बम डस्टबीन में रखे गए थे। यहां २० लोग घायल हो गए।
कनाट प्लेस में तीसरा धमाका बाराखंभा रोड पर गोपाल दास भवन के निकट हुआ। यह स्थान मेट्रो स्टेशन के प्रवेश द्वार के निकट है। पुलिस के मुताबिक यहां धमाकों से दो व्यक्तियों की मौत हो गई।

अब आतंकियों नें पुणे को निशाना बनाने की धमकी दी

पुणे, १४ सितम्बर- राजधानी दिल्ली में शनिवार शाम हुए पांच सिलसिलेवार बम धमाकों को अभी २४ घंटे भी नहीं बीते हैं कि पुणे में बम धमाकों की धमकी दी गई है। पुणे पुलिस के अनुसार धमाकों की धमकी से भरा ऎ ई-मेल पुलिस महकमे को भेजा गया है। ई-मेल में पुणे में गणेश विसर्जन के दौरान धमाकों की धमकी दी गई है।
धमाकों की आशंका के मद्देनजर लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है। पुलिस के अनुसार विसर्जन जुलूस में संदिग्ध लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने लाउडस्पीकर के जरिए लोगों को निर्देश दिए हैं कि वो चौकन्ने रहें और किसी भी संदिग्ध का संदेह होने पर पुलिस को इसकी तत्काल सूचना दें।
उल्लेखनीय है कि पुणे का गणेश विसर्जन देश भर में मशहूर है। गणपति विसर्जन के लिए यहां निकलने वाला जुलूस लगभग २५ घंटे तक चलता है और जुलूस में भारी संख्या में श्रद्धालु उमडते हैं। सुरक्षा के लिहाज से पुलिस ने जुलूस के रास्ते पर रैपिड एक्शन फोर्स की तैनाती की है। इसके साथ ही चप्पे-चप्पे पर पुलिस और सुरक्षा बल तैनात किए गए हैं।

Sep 12, 2008

निरक्षरता का कलंक झेल रहे है हिंदी भाषी राज्य

नई दिल्ली, १३ सितम्बर- राष्ट्रीय राजनीति में हिंदी भाषी राज्य भले ही मजबूत दखल रखते रहे हों, लेकिन पढ़ाई-लिखाई के मामले में उनके माथे पर अब भी बड़ा कलंक है। यहां तक कि देश से निरक्षरता न खत्म होने की सबसे बड़ी वजह यही राज्य हैं। सरकार के एक आला अफसर ने तो लगभग पचास प्रतिशत अनपढ़ों के लिए खुले तौर पर उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड जैसे आधा दर्जन हिंदी भाषी राज्यों को जिम्मेदार ठहराया है।
वैसे तो अभी बीते आठ सितंबर को ही सरकार ने अंतरराष्ट्रीय साक्षरता दिवस पर देश में निरक्षरता मिटाने की प्रतिबद्धता फिर दोहराई है। उसने बड़े गर्व से अनुसूचित जाति में १७ प्रतिशत और जनजाति में १७.५ प्रतिशत साक्षरता दर बढ़ने का गुणगान किया। लेकिन अनपढ़ों को लेकर उत्तर भारत के राज्य उसकी चिंता को ज्यादा बढ़ा रहे हैं। मानव संसाधन विकास मंत्रालय में स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव ए।के. रथ के मुताबिक, 'उत्तर भारत, खास तौर से हिंदी बोलने वाले सिर्फ पांच राज्यों-उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, मध्य प्रदेश, राजस्थान - में ही देश के लगभग पचास प्रतिशत निरक्षर हैं।' उसके बाद किसी हद तक आंध्र प्रदेश, उड़ीसा और पश्चिम बंगाल की स्थिति भी इस मामले में बदतर ही है।
२००१ की जनगणना के आधार पर देखें तो उस समय देश में १५ साल से ऊपर के २६ करोड़ लोग निरक्षर थे। सात साल से ऊपर के निरक्षरों को जोड़ देने पर यह आंकड़ा तीस करोड़ से भी ऊपर पहुंचता था। सरकार अब ११ वीं योजना में २०१२ तक पूरी आबादी के ८० प्रतिशत लोगों को साक्षर बनाने का लक्ष्य लेकर चल रही है। इस योजना में भी लगभग डेढ़ साल बीत चुका है और स्थिति यह है कि ३०४ जिले ऐसे हैं, जहां साक्षरता दर राष्ट्रीय औसत [कुल आबादी का लगभग ६५ प्रतिशत] से भी कम है। इन ३०४ जिलों में भी २६० ऐसे हैं, जहां महिलाओं की साक्षरता दर पचास प्रतिशत से भी कम है। सरकार जहां अनुसूचित जाति और जनजाति में साक्षरता दर बढ़ने का गुणगान कर रही है, वहीं १७० जिलों में अनुसूचित जाति के पचास प्रतिशत से भी कम लोग साक्षर हैं। आदिवासियों के मामले में २८० जिले इस श्रेणी में आते हैं।
वैसे सरकार इस मामले में गंभीर जरूर दिखने लगी है। उसने दसवीं योजना में जहां साक्षरता के लिए १२०० करोड़ रुपये का बजट रखा था, वहीं ११ वीं योजना में उसे बढ़ाकर छह हजार करोड़ कर दिया है।