Jul 29, 2008

कांग्रेस नें आतंकवाद के लिए आडवाणी को जिम्मेदार बताया

नयी दिल्ली, २९ जुलाई- कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी पर पलटवार करते हुये आज कहा कि देश में आतंकवादी घटनायें बढ़ने के लिये लोकसभा में विपक्ष के नेता लालकृष्‍ण आडवाणी की रथयात्रा बहुत हद तक जिम्‍मेदार है।
कांग्रेस के महासचिव दिग्विजय सिंह ने आज यहां संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि १९९० से पहले जम्‍मू-कश्मीर, पंजाब तथा पूर्वोत्‍तर क्षेत्र के अलावा देश में कहीं भी आतंकवाद नहीं था, लेकिन श्री आडवाणी की रथ यात्रा के बाद से सांप्रदायिक आधार पर देश के बंटने तथा सांप्रदायिक तनाव बढ़ने के बाद से आतंकवाद धीरे-धीरे पूरे देश में फैल गया। उन्होंने कहा देश में आतंकवाद बढ़ने के लिये श्री आडवाणी की रथयात्रा बहुत हद तक जिम्‍मेदार है। बेंगलूर और अहमदाबाद में हुये बम विस्फोट के लिये कांग्रेस को जिミमेदार ठहराने के भाजपा के आरोप का करारा जवाब देते हुये कहा कि इनके समय पर नजर डाली जाये, तो स्थिति और कुछ ही कहती है। उन्होंने कहा कि पिछले १०. १५ वर्ष में भाजपा के पास जब भी राजनीतिक मुद्दे समाप्त हो गये तब तब ऐसी घटनायें हुयी हैं। उन्होंने कहा कि कर्नाटक विधानसभा चुनाव के पहले चरण से पहले हुबली में विस्फोट हुआ तथा अंतिम चरण के मतदान से पहले जयपुर में विस्फोट हुये। विश्र्वास मत में सरकार की जीत के बाद बेंगलूर और अहमदाबाद में विस्फोट हुये। श्री सिंह ने कहा कि भाजपा और विश्र्व हिंदु परिषद हिंदू और मुसलमानों में कटुता पैदा करने की राजनीति करती आ रही है।
कांग्रेस के प्रवक्ता मनीष तिवारी ने नोट कांड से लोगों का ध्यान हटाने के लिये विस्फोट कराने के भाजपा के आरोप पर तीखी प्रतिक्रिञ्या व्यक्त करते हुये कहा कि मुख्‍य विपक्षी दल अपना मानसिक संतुलन खो बैठा है, तभी इस तरह के गैर जिम्‍मेदाराना और घिनौने आरोप लगा रहा है। उन्होंने भाजपा के इस आरोप की निंदा करते हुये कहा कि भाजपा इस तरह की बयानबाजी कर कहीं चोर की दाढ़ी में तिनके की कहावत को तो चरितार्थ नहीं कर रही।
श्री मनीष तिवारी ने कहा कि इन विस्फोटों में कई निर्दोष व्यक्तियों की जानें गयी हैं तथा बहुत से लोग घायल हुये हैं दुख की इस घड़ी में भी भाजपा राजनीति करने से बाज नहीं आ रही है, जो अत्यंत दुख की बात है। श्री आडवाणी ने फिर से पोटा बहाल करने की मांग की है। शायद उन्हें पता नहीं है कि सरकार ने इसे रद्द करते समय आतंकवाद से निपटने के लिये इसके सभी जररी प्रावधान गैर कानूनी गतिविधि निरोधक कानून में शामिल कर लिया था। आतंकवादियों को मिलने वाले अवैध धन पर रोक लगाने के लिये मनी लांडरिंग एक्‍ट में कड़े प्रावधान किये गये हैं।
कांग्रेस प्रवक्ता ने आतंकवाद घटनाओं से समन्वित और संगठित ढंग से निपटने के लिये एक अलग केंद्रीय एजेंसी बनाने की मांग दोहरायी। उन्होंने कहा कि सरकार ने मुख्‍यमंत्रियों के सミमेलन में इस तरह का प्रस्ताव कर चुकी है, लेकिन उस पर आम सहमति नहीं बन सकी। उन्होंने सभी दलों से इस पर पुनर्विचार करने की अपील करते हुये कहा कि इस तरह की एजेंसी की स्थापना जरुरी है। उन्होंने इन आरोपों को गलत बताया कि सरकार आतंकवाद के विरुद्ध लडाई में ढिलाई बरत रही है।

शांति भंग के आरोप में कुत्ते को अदालत में पेश किया गया

पूर्णिया, २९ जुलाई- बिहार में शांति भंग करने के आरोप में एक कुत्ते को कोर्ट में पेश किया गया। कुत्ते की मालकिन का कहना है कि यह कुत्ता ही उनका एकमात्र रक्षक है। गुरुवार को छोटू नामक इस कुत्ते को शांति भंग करने के आरोप में कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस ने माँग की है कि लोगों को काटने के जुर्म में इस कुत्ते को कड़ी सज़ा दी जाए। जबकि कुत्ते की मालकिन का कहना है कि कुत्ते ने सिर्फ़ चोरी करने वालों पर ही हमला किया था।
वर्ष २००३ में एक मैजिस्ट्रेट ने 'छोटू' को मौत की सज़ा सुनाई थी। पड़ोसियों का आरोप था कि छोटू पागल हो गया है और उसने कई लोगों को काटा है। लेकिन जानवरों के अधिकारों के लिए काम कर रहे लोगों ने मैजिस्ट्रेट के इस निर्णय को बदलने में तब सफलता प्राप्त कर ली थी।
गुरुवार को पूर्णिया की अदालत में छोटू को पेश किया गया। ज़िलाधिकारी राजीव रंजन ने कहा, "चूँकि पुलिस का कहना था कि छोटू शांति के लिए ख़तरा है और इससे क़ानून और व्यवस्था बिगड़ सकती है, कोर्ट ने कुत्ते के नाम सम्मन जारी किया।"
लेकिन कोर्ट में गुरुवार को छोटू ने काफ़ी 'शालीनता' का परिचय दिया। कोर्ट में कुत्ते की तरफ़ से पक्ष रखते हुए वकील दिलीप कुमार दीपक ने कहा, "कोर्ट में बहुत लोग मौजूद थे फिर भी किसी पर भी कुत्ते ने भौंका तक नहीं।"
यह मामला अभी कोर्ट में जारी है। छोटू को अपने मालिक विधवा राजकुमारी देवी के साथ कोर्ट में पाँच अगस्त को हाज़िर होने को कहा गया है। राजकुमारी देवी कहती हैं, "छोटू ही एक मात्र मेरा रक्षक है। मैंने इसे अपने बच्चे की तरह पाला है।" वह कहती हैं कि जिन लोगों ने उनके घर में ज़बरदस्ती घुसने की कोशिश की उसी को छोटू ने काटा।
राजकुमारी देवी के वकील का कहना है कि पड़ोसियों की नज़र राजकुमारी देवी की जायदाद पर लगी हुई है. वे कहते हैं, "वे लोग ज़मीन से संबंधित कागज़ात चोरी करना चाहते हैं। इसी वजह से रात के समय उन लोगों ने घर में घुसने की कोशिश की। जब छोटू ने उन्हें काटा तो वे भाग खड़े हुए." छोटू राजकुमारी देवी के साथ उनके एक कमरे के फूस के घर में रहता है।

कलावती की मदद के लिए आगे आई महाराष्ट्र सरकार

मुंबई 2९ जुलाई- महाराष्ट्र सरकार कलावती बांदुरकर की मदद के लिए आगे आई है जिसका जिक्र कांग्रेस के सांसद राहुल गांधी ने २२ जुलाई को लोकसभा में विश्वास मत पर चर्चा के दौरान किया था। कलावती ने आत्महत्या की धमकी दी थी।
कलावती द्वारा आत्महत्या की धमकी दिये जाने से संबंधित एक प्रश्न के जवाब में मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख ने विधानभवन में संवाददाताओं को बताया हमने यवतमाल जिलाधीश से कलावती की पूरी स्थिति के बारे में रिपोर्ट मांगी है।
यवतमाल में पांधरकावड़ा तहसील कार्यालय के सामने गत २५ जुलाई को एक बैठक को संबोधित करते हुए कलावती ने कहा था कि यदि प्रशासन उसे वित्तिय राहत प्रदान नहीं करता है तो वह भी अपने पति के नक्शे कदम पर चल कर आत्महत्या कर लेगी।
कांग्रेस के महासचिव राहुल गांधी ने विदर्भ दौरे के समय १८ जुलाई को कलावती से मुलाकात की थी। विश्वास मत पर अपने भाषण में उन्होंने कलावती का जिक्र किया था।

मुंबई क्राइम ब्रांच ने तीन को हिरासत में लिया

मुंबई, २९ जुलाई- अहमदाबाद में हुए ब्लास्ट की जांच में गुजरात पुलिस का सहयोग कर रहीं मुंबई क्राइम ब्रांच ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। तीनों ही युवकों का संबंध कश्मीर से बताया जा रहा है जंहा के वे रहने वाले है। इन युवकों को पुलिस ने दक्षिण मुंबई के भिंडी बाजार में छापे के दौरान गिरफ्तार किया है और लगातार पूछताछ की जा रहीं तथा इस बात को जानने का प्रयास किया जा रहा है कि ये मुंबई क्यों आए थे। हालाकिं अभी तक इन युवकों का यहीं कहना है कि वो मुंबई में काम के सिलसिले में आए थे लेकिन वे यह नहीं बता पा रहें है कि किस काम के सिलसिले में आए थे।
पुलिस के द्वारा की गई पूछताछ में संतोषजनक जबाब नहीं मिलने पर और इन तिनों युवकों के पास एक लेपटॉप पाए जाने के बाद इनकों हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस केवल शक के आधार पर उनसें पूछताछ कर रहीं है अभी तक ऐसी कोई बड़ी जानकारी पुलिस के हाथ नहीं लगी है जिसके आधार पर अहमदाबाद या बैंगलुरु धमाकों के तार इन युवकों से जुड़ते हो। ऐसा कहा जा रहा है कि आज दिन भर इन युवकों से पूछताछ होगी जब तक कि पुलिस को इनके बारें में सहीं सही जानकारी नहीं मिल जाती की उनकें मुंबई आने का मकसद क्या था और इनकीं प्रष्ठ भूमि क्या है।

दिग्विजय सिंह, सचिन पायलट व रीता बहुगुणा गिरफ्तार

लखनऊ, २९ जुलाई- कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, सांसद सचिन पायलट और उत्तरप्रदेश कांग्रेस प्रमुख रीता बहुगुणा जोशी को पुलिस ने मंगलवार को गिरफ्तार कर लिया। ये नेता मुख्यमंत्री मायावती के गांव में विरोध-प्रदर्शन में हिस्सा लेने के लिए जा रहे थे।

Jul 28, 2008

लखनऊ में लश्कर आतंकी गिरफ्तार

लखनऊ, २८ जुलाई- पिछले चार दिन में देश के दो बड़े शहरों में हुए सीरियल ब्लास्ट के मद्देनजर पूरे राज्य में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। वहीं,लखनऊ में सोमवार को आतंकी संगठन लश्कर-ए-तोइबा के एक आतंकी को हिरासत में लिया गया। राज्य के पुलिस महानिदेशक विक्रम सिंह ने वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए पुलिस महानिरीक्षकों को अहमदाबाद और बंगलूरु में हुए सीरियल ब्लास्ट के मद्देनजर सुरक्षा कड़ी करने के निर्देश दिए।
आगरा में ताजमहल, अयोध्या में राम जन्मभूमि परिसर, रेलवे स्टेशन और शापिंग माल समेत अन्य भीड़ वाले इलाके में पिछले दो दिन से सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। लखनऊ के चारबाग स्टेशन पर बम रखे जाने की अफवाह के बाद आज अफरा तफरी मच गई। बम निरोधक दस्ते को एक बैग मिला, जिसमें बम होने की सूचना थी लेकिन जांच के बाद उसमें सिर्फ ट्रांजिस्टर पाया गया।
आतंकवाद निरोधक दस्ते ने सोमवार को आतंकी संगठन लश्कर के एक कथित आतंकी शकील को राजधानी लखनऊ से हिरासत में लिया। वह पिछले चार साल से लखनऊ में रह रहा है और इस माह उसने करीब ५२ घंटे पाकिस्तान में बातचीत की है। वह शहर के व्यस्ततम इलाके हजरतगंज के एक ग्लास शो रूम में काम करता है तथा चारबाग इलाके में रहता है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि वह अलग-अलग काम में राजेश नाम का भी इस्तेमाल करता है तथा अक्सर वह वाराणसी जाता रहता है। हालांकि पुलिस को अभी तक सिलसिलेवार विस्फोट में उसके शामिल होने के कोई पुख्ता सबूत नहीं मिले हैं। जयपुर विस्फोट कांड में अब्दुल मतीन मदनी को वाराणसी से दो दिन पहले गिरफ्तार किया गया था लेकिन रविवार उसे निजी मुचलके पर रिहा कर दिया गया।
उधर, कोलकाता में भी बस अड्डों, रेलवे स्टेशनों और शापिंग मॉल में सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए है। लंबी दूरी की बसों में जाने वाले यात्रियों की गहन तलाशी ली जा रही है और मेट्रो स्टेशनों के बाहर बड़ी संख्या में पुलिस चौकियां बनाई गई है। हावड़ा रेलवे स्टेशन में तलाशी के लिए खोजी कुत्ताों की मदद ले रही है।
पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि हमने बस चालकों को चौकस रहने और किसी भी संदिग्ध वस्तु की सूचना पुलिस को देने को कहा है। बस कंडक्टरों को यात्रियों पर पैनी निगाह रखने को कहा गया है।
कोलकाता और हावड़ा शहरों को जोड़ने वाले रवींद्रनाथ सेतु के आसपास भी सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। रोजाना इस पुल का हजारों लोग इस्तेमाल करते हैं। पुल के दोनों ओर बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए है। लालबाजार स्थित पुलिस मुख्यालय में रविवार रात पश्चिम बंगाल के गृहसचिव की अध्यक्षता में वरिष्ठ अधिकारियों की एक बैठक हुई। बैठक में पुलिस महानिदेशक ए।बी. वोहरा, कोलकाता के पुलिस आयुक्त गौतम मोहन चक्रवर्ती, करीबी जिलों उत्तारी 24 परगना और दक्षिणी 24 परगना के पुलिस अधीक्षकों, कोलकाता के निगमायुक्त अल्पन बंदोपाध्याय और मुख्यमंत्री के मुख्य सुरक्षा अधिकारी अरविंद मालीवाल ने भाग लिया। प्रमुख शापिंग माल के अधिकारी भी बैठक में मौजूद थे।
गृहसचिव ने कहा कि हमने बंगलूरु और अहमदाबाद में हुई घटनाओं की आशंका टालने के लिए दीर्घावधि और अल्पकालिक उपाय किए है। इन उपायों को सोमवार को अंतिम रूप दिया जाएगा। पुलिस आयुक्त ने कहा कि हमारा उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि सामान्य जन-जीवन में व्यवधान नहीं आए।

अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट में अहले ह्दीज का कार्यकर्ता गिरफ्तार

अहमदाबाद, २८ जुलाई-लोगों के दिल-ओ-दिमाग को दहला देने वाले अहमदाबाद सीरियल ब्लास्ट मामले में पुलिस ने बड़ी कामयाबी हासिल की है। प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन अहले हदीज के एक कार्यकर्ता को अहमदाबाद में हुए १७ धमाकों के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया है। इन धमाकों में करीब ४९ लोग मारे गए है । उधर प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह, कांग्रेस की अध्यक्ष सोनिया गांधी और गृहमंत्री शिवराज पाटिल सोमवार को अहमदाबाद शहर का दौरा करेंगे।
एक समाचार चैनल के मुताबिक पुलिस के हत्थे चढ़े अब्दुल हलीम की २००२ में हुए गोधरा कांड के बाद हुए दंगों के सिलसिले में भी पुलिस को तलाश थी। पुलिस ने अब्दुल को संवेदनशील इलाके दानी लिम्डा से गिरफ्तार किया। २००२ के गुजरात दंगों के बाद से अब्दुल फरार चल रहा था।
अहले हदीज के बारे में कहा जाता है कि यह एक चरमपंथी इस्लामी संगठन है। यह इस्लाम के वहाबी मत को मानता है। ऐसा माना जाता है कि अहले हदीज ने ही दहशत और खौफ का दूसरा नाम बन चुके आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा की पाकिस्तान में स्थापना की थी। गौरतलब है कि लश्कर ने भारत में हुई कई बड़ी आतंकी वारदातों की जिम्मेदारी ली है। अहले हदीज के कई कार्यकर्ता सिमी के काडर माने जाते हैं। वहीं, अहले हदीज से जुड़े लोगों ने भी कई बड़ी घटनाओं को अंजाम तक पहुंचाया है।