Sep 20, 2008

गंगा प्रदूषण रोकने पर प्रधानमंत्री का आश्वासन

नयी दिल्ली, २० सितम्बर- प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह गंगा को प्रदूषण मुक्त करने के उपायों पर चर्चा के लिये जल्द ही अपने मंत्रिमंडल की बैठक बुलायेगें। डा. सिंह ने यह आश्वासन आज यहां करोडों देशवासियों की आस्था का प्रतीक मोक्ष दायिनी गंगा नदी को प्रदूषण मुक्त करने के लिये योग गुरु स्वामी रामदेव के नेतृत्व ने उनसे मिले एक प्रतिनिधिमण्डल को दिया। प्रतिनिधि मण्डल ने उनसे गंगा को राष्ट्रीय धरोहर घोषित करने तथा राष्ट्रीय नदी की तरह संरक्षित करने की मांग की है। साथ ही गंगा को प्रदूषित करने के संघीय अपराध मानकर दोषियों को कठोर दण्ड देने की मांग की है।
स्वामी रामदेव के मीडिया प्रभारी एस।के. तिजारावाला ने बताया कि प्रधानमंत्री ने प्रतिनिधिमण्डल को बहुत ध्यान से सुना और पूरी आस्था एवं विश्वास के साथ कहा कि गंगा हमारी माता है।वह जल्द ही केबिनेट की बैठक बुलाकर इस विषय पर चर्चा करेगें।
डा. सिंह ने भरोसा दिलाया कि सरकार उसके खोये सम्मान को वापस दिलायेगी और इस काम में पैसे की कमी नही होने दी जायेगी। केन्द्रीय गृह राज्यमंत्री श्री प्रकाश जायसवाल की उपस्थिति में हुई इस मुलाकात में स्वामी रामदेव के साथ शान्ति निकेतन गायत्री सन्त रमेश भाई ओझा संत समाज के अध्यझ स्वामी हंसदास जी महाराज, राजेन्द्र दास महनत गंगा रझक मंच के मुख्य समन्वयक राजेन्द्र पंकज और श्री तिजारावाला शामिल थे।
बाबा रामदेव और डा. पंडया ने भरोसा जताया कि सरकार के रूख से यह लगता है कि अब गंगा का राष्ट्रीय धरोहर घोषित किया जाना चंद दिनों की बात है। गंगा की रक्षा के लिए शांतिकुंज और पतंजलि योग पीठ देश के हर जिले में आपदा प्रबन्धन वाहिनी गठित करने में भी संग-संग कार्य करने का निर्णय लिया है। स्वामी रामदेव ने आपदा राहत कार्य में शांतिकुंज की सराहना करते हुए कहा कि सरकार को आपदा प्रबन्धन का कार्य शांतिकुंज, पतंजलि पीठ जैसी संस्थाओं को सौंप देना चाहिये।
देव संस्कृति विश्वविघालय के कुलाधिपति डा. पण्ड्या ने कहा कि देश की समस्त नदियों के साथ इस देश की संस्कृति प्रवाहित होती है और उनकी अनदेखी नहीं की जा सकती। उन्होंने कहा कि गंगा की रक्षा के उद्देश्य से संस्कृति की शिखर संस्थाओं का संग आना राष्ट्र के लिए स्वर्णिम भविष्य का संकेत है।

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