Sep 10, 2008

कश्मीर मसले पर 'अच्छी खबर' जल्द: जरदारी

इस्लामाबाद, १० सितम्बरः पाकिस्तान के नए राष्ट्रपति आसिफ अली ज़रदारी ने गलवार को पद और गोपनीयता की शपथ लेने के बाद अपने भाषण में कहा कि कश्मीर मसले पर वहां के लोगों को जल्द ही कोई अच्छी ख़बर सुनने को मिलेगी। उन्होंने कहा कि यह ख़बर भारत में होने वाले आम चुनावों से पहले सुनने को मिलेगी।
जरदारी ने कश्मीर मसले के समाधान के लिए पाकिस्तान की ओर से सभी राजनीतिक कदम उठाने और सभी पड़ोसी देशों के साथ द्विपक्षीय संबंध स्थापित करने पर जोर दिया। पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (पीपीपी) के सह अध्यक्ष आसिफ अली जरदारी को मंगलवार को मुख्य न्यायाधीश अब्दुल हमीद डोगर ने राष्ट्रपति पद की शपथ दिलाई।
राष्ट्रपति भवन के दरबार हॉल में आयोजित एक समारोह में 55 वर्षीय जरदारी ने राष्ट्रपति पद की शपथ ली। उनके शपथ लेने के बाद दरबार हॉल में समर्थकों ने जरदारी और पूर्व प्रधानमंत्री बेनजीर भुट्टो के समर्थन में नारे लगाए।
शपथ ग्रहण समारोह में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति हामिद करजई को विशेष रूप से आमंत्रित किया था। समारोह में सभी प्रांतों के मुख्यमंत्री, गर्वनर और मुख्य नौकरशाह भी मौजूद थे। जरदारी ने अंग्रेजी में शपथ ली।
बिलावल भुट्टो सहित जरदारी के तीनों बच्चे भी समारोह में मौजूद थे। जब जरदारी शपथ ले रहे थे तो उस समय वहां मौजूद बेनजीर की बहन सनम भुट्टो की आंखों से आंसू छलक आए।
दूसरी ओर पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के नेता नवाज शरीफ समारोह में नहीं आए। वे मंगलवार सुबह ही लंदन रवाना हो गए थे। समारोह में शरीफ की पार्टी का प्रतिनिधित्व करने उनके भाई और पंजाब के मुख्यमंत्री शाहबाज शरीफ पहुंचे थे।

Sep 9, 2008

शिवसेना नें शाहरूख को निशाना बनाया

मुंबई, ९ सितम्बर- बालीवुड अभिनेत्री और सपा नेता जया बच्चन की कथित मराठी विरोधी टिप्पणी को लेकर महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना प्रमुख राज ठाकरे की ओर से की गई आलोचना के बाद अब शिवसेना ने बालीवुड बादशाह शाहरुख खान पर उनके दिल्ली मूल का होने को लेकर निशाना साधा है।
शिवसेना प्रमुख बाल ठाकरे ने पार्टी के मुखपत्र सामना के आज के संपादकीय में लिखा है, शाहरुख कहते हैं कि वह दिल्लीवाले हैं। अगर आप दिल्ली से हैं तब आप महाराष्ट्र क्यों आए। सामना में लिखा गया है, आप प्रसिद्धि और पैसा कमाने के लिए मुंबई आते हैं, लेकिन एक बार जब ये सब अर्जित कर लेते हैं तो आप उस क्षेत्र का नाम लेने लगते हैं जहां से आप आए हैं। और मराठी जनता से यह उम्मीद की जाती है कि वे अपने राज्य के बारे में एक शब्द भी नही कहें। उन्होंने लिखा है, यदि आपके भीतर क्षेत्रीयता का बोध है तब ऐसे में अगर हम भी ऐसा करते हैं तो इसमें गलत क्या है।
शिवसेना प्रमुख ने लिखा है, दक्षिणी राज्यों में हिंदू विरोधी मुहिम पिछले ६० साल से जारी है। तमिलनाडु में हिंदी फिल्मों और हिंदी समाचारों पर प्रतिबंध है। असम में जो लोग हिंदी बोलते हैं उनकी हत्या कर दी जाती है। संपादकीय के अनुसार, जो लोग यह कहने में गर्व महसूस करते हैं कि वे उत्तरप्रदेश या बिहार से हैं तो क्यों नहीं उन्हीं क्षेत्रों में जाकर हिंदी का झंडा फहराते हैं। शिवसेना के मुखपत्र में लिखा गया है, अमिताभ बच्चन का संबंध किसी एक क्षेत्र या भाषा से नहीं है। जब बात उनकी कला की आती है तो क्षेत्रवाद और भाषाई दीवार ढह जाती है। वह एक महान अभिनेता हैं। सामना कहता है लेकिन जब उनकी पत्नी यह कहती हैं हम उत्तरप्रदेश से हैं तो उसे क्या समझा जा सकता है।

Sep 8, 2008

बच्चन परिवार को राज ठाकरे की धमकी

मुम्बई, ८ सितम्बर- नई फिल्म ‘द्रोण’ के संगीत रिलीज समारोह में दिए गए जया बच्चन के एक बयान से भड़के महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) प्रमुख राज ठाकरे ने जया बच्चन से कहा कि वे “महाराष्ट्र से माफी मांगें”, नहीं तो बच्चन परिवार की कोई भी फिल्म सिनेमाघरों में नहीं लगने दी जाएगी।
उल्लेखनीय है कि जया बच्चन ने रविवार को अपने बेटे अभिषेक बच्चन की आगामी फिल्म ‘द्रोण’ के प्रचार कार्यक्रम के दौरान कहा था कि, “हम लोग उत्तर प्रदेश से आए हैं, इसलिए हम लोग हिन्दी भाषा में ही बात करेंगे और मराठी समुदाय के लोगों को हमें माफ कर देना चाहिए।”
जया बच्चन के इस बयान के बाद शिवसेना और मनसे दोनों ही राजनीतिक पार्टियों ने उनके इस बयान पर कड़ी आपत्ती जताई है।
अब इसी कड़ी में मनसे प्रमुख राज ठाकरे ने बच्चन परिवार को खुलेआम धमकाते हुए कहा है कि जया बच्चन अपने बयान के लिए महाराष्ट्र की जनता से माफी मांगें, नहीं तो बच्चन परिवार की किसी फिल्म को नहीं चलने दिया जाएगा।
गौरतलब है कि इससे पहले मनसे ने जया बच्चन के बयान के विरोध में मुम्बई के बांद्रा स्टेशन पर एक पोस्टर लगाते हुए कहा है था कि मराठी समुदाय उन्हें कभी माफ नहीं करेगा। इस पोस्टर में जया बच्चन के लिए लिखा गया था- “चलते बनिए॥चलते बनिए..मराठी लोग आप को माफ नहीं करेंगे। शिवाजी के महाराष्ट्र में तो बिल्कुल भी नहीं”। साथ ही पोस्टर में मुम्बई से इलाहबाद का एक रेल टिकट भी दिखाया गया है।
इस पूरे मामले को तूल पकड़ते देखकर अमिताभ बच्चन के घर के बाहर मुम्बई पुलिस ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है।

मैक्केन और ओबामा ने एनएसजी की छूट का समर्थन किया

वाशिंगटन, ८ सितंबर- भारत अमरीका परमाणु करार को लेकर अमरीका में राष्ट्रपति पद के उम्मीदवारो के बीच तीखे शब्दबाण चल रहे है । हालांकि दोनों उम्मीदवारों ने एनएसजीमें भारत को दी गई छूट का समर्थन किया है ।
रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार जान मैक्केन ने एनएसजी से भारत को मिली छूट का स्वागत करते हुये कहा है कि यह समझौता दोनो देशों के हित में है और इससे अमरीका और भारत संबंध नई ऊंचाईयों को छूयेंगे । उन्होंने कहा कि समझौते से परमाणु अप्रसार के प्रयासों को चोट नहीं पहुंचेगी और भारत की कार्बन आधारित उद्योगों पर निर्भरता खत्म होगी और यह जलवायु परिवर्तन के लिहाज से भी अच्छा होगा ।
उन्होंने कहा ...रिपब्लिकन पार्टी हमेशा से भारत और अमरीका के बीच बेहतर संबंधों की हिमायती है लेकिन मैं जानना चाहता हूँ कि ओबामा इस बारे में क्या समझते है । उनकी डेमोक्रेटिक पार्टी ने समझौते की राह में कई रोडे अटकाये हैं । उधर ओबामा ने शिकागो से एक बयान जारी कर कहा कि वह एनएसजी से भारत को मिली छूट का स्वागत करते है और अब इस समझौते को जल्द से जल्द अमरीकी कांग्रेस में पेश किया जाना चाहिये । उन्होंने कहा कि डेमोक्रेटिक पार्टी समझौते का आकलन करेगी और अगर देशहित मेंहुआ तो पूरा समर्थन भी देगी ।
इस बीच समझौते को अमरीकी कांग्रेस की मंजूरी दिलाने के लिये भारतीय मूल के अमरीकी नागरिको ने भी अभियान शुरू कर दिया है । कई प्रभावशाली भारतीय मूल के नागरिक दोनो पार्टियों से लगातार संपर्क बनाये हुये है ताकि समझौते को बिना किसी व्यावधान के अमरीकी कांग्रेस में पारित कराया जा सके । अमरीकी कांग्रेस का सत्र आज से शुरू हो रहा है जिसमें इस करार पर जोरदार बहस होगी ।

Sep 6, 2008

ऐटमी डील को न्युक्लिअर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) की मंजूरी

वियना, ६ सितम्बर- आखिरकार लंबी जद्दोजहद और दो बार मसौदा में बदलाव के बाद भारत भारत-अमेरिका ऐटमी डील को ४५ देशों के न्युक्लिअर सप्लायर्स ग्रुप (एनएसजी) की मंजूरी मिल गई। एनएसजी ने शनिवार को सर्वसम्मति से डील के ड्राफ्ट को मंजूरी दे दी।
दो दिनों की बैठक के बाद भी भारत को छूट देने के मसले पर शुक्रवार तक सहमति नहीं बन पाई थी। वास्तव में बातचीत शुक्रवार को संपन्न होने वाली थी लेकिन देर रात की खबरों में कहा गया कि छूट संबंधी प्रस्ताव के मसौदे से चीन नाखुश है और वह आस्ट्रिया, न्यूजीलैंड, स्विटजरलैंड और आयरलैंड जैसे देशों की सूची में शामिल हो गया है जो मसौदे में बदलाव की मांग कर रहे थे। इन देशों का कहना था कि इसमें उस परिणाम का जिक्र होना चाहिए जो भारत के परमाणु परीक्षण करने की स्थिति में अमल में लाया जाएगा।
एनएसजी के ४५ सदस्य देशों के कूटनीतिज्ञों ने शनिवार को उन्हीं बिन्दुओं से विचार-विमर्श शुरू किया, जहां पर पांच दौर की बातचीत रुकी थी।

नेता समझें शिक्षा का महत्व : प्रधानमंत्री

चेन्नई, ६ सितंबर- प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज राजनीतिक नेताओं को देश के विकास में शिक्षा के महत्व को समझने का आग्रह किया। मद्रास विश्वविद्यालय की १५० वीं वर्षगांठ समारोह में उन्होंने यहां कहा दुर्भाज्ञ से हमारे सार्वजनिक संवाद का अधिकांश भाग अल्पकालिक समस्याओं और मौजूदा समय में उपलब्ध संसाधनों तक पहुंच बनाने पर ही केंद्रित होता है। हम प्रगति और विकास तथा अवसरों की चुनौतियों पर अधिक ध्यान नहीं दे रहे है । उन्होंने कहा मैं अपने सभी राजनीतिक नेताओं को हमारे देश के विकास में शिक्षा के महत्व को समझने का आग्रह करता हूँ । उन्होंने कहा कि अवसरों के विस्तार को शिक्षा के परिणाम और मानकों पर समझौता नहीं करना चाहिए । सिंह ने कहा कि हमारा ध्यान सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर होना चाहिए। उन्होंने कहा भारत का तब तक पूर्ण विकास नहीं हो सकता जब तक कि हाशिये पर पड़े समाज के वर्ग विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार न बनें। शिक्षा को इस लक्ष्य को हासिल करने में योगदान करना चाहिए । शिक्षा के लोकतांत्रीकरण की वकालत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा एक अभिनव भारत में समग्रता और उत्कृष्टता दोनों ही होनी चाहिए और इन दोनों को दो अलग तथा विपरीत लक्ष्यों के रूप में देखना गलत है ।

Sep 5, 2008

लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर, खोलेगा ब्रह्मांड का राज या लायेगा प्रलय

फ्रांस/स्विस, ६ सितम्बर- अगले बुधवार यानी १० सितम्बर को लार्ज हैड्रॉन कोलाइडर नामक मशीन जब शुरू होगी तो क्या वाकई ब्रह्मांड की सबसे बड़ी गुत्थी सुलझेगी अथवा दुनिया खत्म हो जाएगी? यह सवाल उठा है एक ऐसी मशीन से जो ऐटम के सारे रहस्य हल करने के लिए बनाई गई है, जो पता लगाएगी कि अंतरिक्ष से लेकर पृथ्वी तक कण-कण में ऐसी कौन सी चीज है जिससे कोई चीज भारी होती है व कोई हल्की, आखिर डार्क मैटर किस बला का नाम है।
स्विट्जरलैंड और फ्रांस की सीमा पर जमीन के अंदर ३१००० करोड़ रुपये खर्च कर बनाई गई एक ट्रेन जितनी लंबी सुरंग में यह मशीन बुधवार यानी १० सितंबर को काम करना शुरू करेगी। लेकिन कई लोगों को डर है कि इस मशीन के चालू होते ही ब्लैक होल बनने जैसी घटना हो सकती है जिससे प्रलय आ जाएगी। प्रलय भी ऐसी कि दो सेकंड के अंदर पृथ्वी और चंद्रमा, आठ मिनट के अंदर सूरज और कुछ ही देर में हमारा पूरा सौरमंडल चकनाचूर हो जाएगा। इस मशीन पर काम कर रहे वैज्ञानिकों को मौत की धमकियां दी जा रही हैं, मशीन को रोकने के लिए अदालतों में मुकदमे तक ठोके गए।
इस मशीन को नाम दिया गया है लार्ज हैडरन कोलाइडर, जिसे यूरोपियन ऑर्गनाइजेशन फॉर न्यूक्लियर रिसर्च ने बनाया है। इसमें काम कर रहे वैज्ञानिकों का कहना है कि कयामत का जो हौवा खड़ा किया जा रहा है वह महज बेवकूफी है, आपको साइंस पर भरोसा करना चाहिए। नोबेल प्राइज विनर वैज्ञानिक फ्रैंक विलजेक भी इस मिशन में हैं। उन्हें मशीन रोकने के लिए जानलेवा धमकी तक मिली हैं। फ्रैंक कहते हैं कि मुझे इस बात पर गुस्सा आता है कि कैसे कई लोगों को गुमराह किया गया है।
टाइम्स अखबार के साइंस एडिटर मार्क हेंडरसन कहते हैं कि होने को तो कुछ भी हो सकता है, लेकिन आपको कुछ सिद्धांतों पर यकीन करना चाहिए, कम से कम ऐसी बातों को सच बनाकर पेश न करें जो हंसी के लायक भी नहीं हैं।
टाइम्स अखबार के साइंस एडिटर मार्क हेंडरसन कहते हैं कि होने को तो कुछ भी हो सकता है, लेकिन आपको कुछ सिद्धांतों पर यकीन करना चाहिए, कम से कम ऐसी बातों को सच बनाकर पेश न करें जो हंसी के लायक भी नहीं हैं।