
चेन्नई, ६ सितंबर- प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज राजनीतिक नेताओं को देश के विकास में शिक्षा के महत्व को समझने का आग्रह किया।
मद्रास विश्वविद्यालय की १५० वीं वर्षगांठ समारोह में उन्होंने यहां कहा दुर्भाज्ञ से हमारे सार्वजनिक संवाद का अधिकांश भाग अल्पकालिक समस्याओं और मौजूदा समय में उपलब्ध संसाधनों तक पहुंच बनाने पर ही केंद्रित होता है। हम प्रगति और विकास तथा अवसरों की चुनौतियों पर अधिक ध्यान नहीं दे रहे है ।
उन्होंने कहा मैं अपने सभी राजनीतिक नेताओं को हमारे देश के विकास में शिक्षा के महत्व को समझने का आग्रह करता हूँ । उन्होंने कहा कि अवसरों के विस्तार को शिक्षा के परिणाम और मानकों पर समझौता नहीं करना चाहिए ।
सिंह ने कहा कि हमारा ध्यान सभी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने पर होना चाहिए। उन्होंने कहा भारत का तब तक पूर्ण विकास नहीं हो सकता जब तक कि हाशिये पर पड़े समाज के वर्ग विकास की प्रक्रिया में सक्रिय भागीदार न बनें। शिक्षा को इस लक्ष्य को हासिल करने में योगदान करना चाहिए ।
शिक्षा के लोकतांत्रीकरण की वकालत करते हुए प्रधानमंत्री ने कहा एक अभिनव भारत में समग्रता और उत्कृष्टता दोनों ही होनी चाहिए और इन दोनों को दो अलग तथा विपरीत लक्ष्यों के रूप में देखना गलत है ।
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