Jul 21, 2008

एनडीए के १० सांसद सरकार बचायेगे

नई दिल्ली, २२ जुलाई- फैसले की घड़ी आ गई है और कुछ ही घंटों में पता चल जाएगा कि यूपीए सरकार बचेगी या जाएगी। वैसे सूत्रों के अनुसार, सत्ता पक्ष ने सरकार बचाने के लिए गणित का जुगाड़ कर लिया है।
सत्ता पक्ष के पाले में फिलहाल २६९ सांसद बताए जा रहे हैं और बताया जा रहा है कि इसके अलावा यूपीए के क्राइसिस मैनेजरों ने एनडीए के १० सांसदों को वोटिंग के दौरान गैरहाज़िर कराने का जुगाड़ कर लिया है। जबकि, तृणमूल कांग्रेस की ममता बनर्जी और मिजो नैशनल फ्रंट के सांसद पहले ही ऐलान कर चुके हैं कि वे वोटिंग में भाग नहीं लेंगे।
यूपीए नेताओं के हवाले से कहा जा रहा है कि अकाली दल के तीन सांसद, बीजेपी के पांच सांसद और बीजेडी व जेडी (यू) के एक-दो सांसद गैरहाज़िर रह सकते हैं। एक बीजेपी सांसद मंगलवार सुबह सीने में दर्द की शिकायत करते हुए राममनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती हो गए हैं। डॉक्टरों के अनुसार उनके सीने में काफी तेज़ दर्द है।
सूत्रों के अनुसार हवा के बदले हुए रुख को देखते हुए भी कई सांसद पाला बदलने की तैयारी में हैं। उन्हें लगता है कि जीतने वाले खेमे में रहने से ज़्यादा फायदा है। सरकार का पलड़ा भारी होने की खबरों के बाद अजीत सिंह फिर से यूपीए से डील की कोशिश कर रहे हैं। आरएलडी के पास तीन सांसद है। अजीत सिंह ने पहले यूपीए सरकार से लखनऊ हवाई अड्डे का नाम अपने पिता और पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह के नाम पर रखवा लिया। मगर फिर मायावती से डील कर ली। मायावती ने अजित सिंह को यूपी में अच्छा पैकेज देने का भरोसा दिलाया था।
जेडी (एस) के देवगौड़ा के बारे में भी चर्चा है कि वह फिर से अपने कदम पर पुनर्विचार कर रहे हैं। बेटे कुमारस्वामी के दबाव की वजह से यूएनपीए के साथ चले गए थे। पहले शुक्रवार को वह प्रधानमंत्री से मिलकर उन्हें समर्थन का आश्वासन दे आए। कुमारस्वामी के कर्नाटक में बीजेपी से समझौते के समय देवगौड़ा ने बेटे से नाता तोड़ने की धमकी दी थी। सूत्रों के अनुसार अब फिर देवेगौड़ा को बेटे का फैसला गलत लग रहा है।

विजय मुस्कान लिए मनमोहन पहुंचे संसद

नई दिल्ली, २२ जुलाई- आत्मविश्वास से लबरेज दिख रहे और मुखमंडल पर मुस्कान लिए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह मंगलवार को संसद भवन पहुंचे।
विजय का वी चिह्न प्रदर्शित करते हुए उन्होंने संकेत दिया कि संप्रग के पास लोकसभा में विश्वास मत जीतने के लिए पर्याप्त सांसदों का समर्थन है।
मनमोहन सिंह ने प्रतीक्षा कर रहे संवाददाताओं के सवालों पर ध्यान नहीं दिया और अपने कार्यालय में जाने से पहले केवल फोटोग्राफरों की तरफ हाथ हिलाया। सिंह ने सोमवार को सदन में विश्वास प्रस्ताव रखा था। संभावना व्यक्त की जा रही है कि प्रधानमंत्री सदन में चल रही बहस पर शाम को जवाब दे सकते हैं और इसके बाद विश्वास मत पर मतदान होगा।

बाबा विश्वनाथ के दर्शन को जुटे लाखों भक्त

वाराणसी, २१ जुलाई- सावन माह के शुरु होते ही काशी में बाबा विश्वनाथ के भक्तों का जमावडा लगने लगा है। पहले सोमवार को बाबा को जल चढ़ाने लाखों श्रद्धालु पहुंचे। बाबा के दर्शन के लिए सिर्फ छत्ताद्वार से ही प्रवेश होने के कारण श्रद्घालुओं की लम्बी कतार विश्वनाथ गली से कोतवालपुरा तक पहुंच गयी।
बोलबम व हर हर महादेव के नारे पूरे वातावरण में गूंजते रहे। भोले भण्डारी की एक झलक पाने को बेताब श्रद्धालु घंटों लाईन में खड़े रहे। वहीं पूरे शहर सहित रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों धर्मशालाओं व शिविरों में कांवरियों की भारी भीड़ रही।
बाबा विश्वनाथ के दर्शन व जलाभिषेक कर मनोवांछित फल पाने की कामना से यहां वैसे तो पूरे सावन भर तीर्थयात्री आते हैं लेकिन सोमवार को इनकी संख्या लाखों में हो जाती है । रविवार की शाम तक छत्ताद्वार से विश्वनाथ गली, ढुंढीराज गणेश व कोतवालपुरा का क्षेत्र शिवभक्तों से पट गया।
हर बार की तरह इस बार भी कई स्वयंसेवी संस्थाओं और स्थानीय लोगों ने दूरदराज से आये कांवरियों की सुविधा के लिए सेवा शिविर स्थापित कर उनके ठहरने, भोजन, दवा व भूले भटकों को मिलाने की खास व्यवस्था की है। चितरंजन पार्क में स्थापित शिविर में लगभग एक हजार कांवरियों के ठहरने की व्यवस्था की गयी है। कांवरियों को दोनों समय भोजन और दवा के साथ ही दशाश्वमेघ घाट से गोंदौलिया चौराहे तक लाउड स्पीकर के माध्यम से भूले भटकों को मिलाने की व्यवस्था की गयी है।
शिवभक्त तीर्थयात्री समिति के नाम से संचालित इस शिविर के सक्रिय संचालक नरसिंह दास ने बताया कि यह शिविर कांवरियों की सेवा में चौबीस घंटे तैयार रहेगा, जिसमें भोजन से लेकर दवा तक दिए जाएंगे। इसी प्रकार लक्सा स्थित सिंधी धर्मशाला में काशी विश्वनाथ सेवा समिति के तत्वाधान में लगे शिविर में भी कांवरियों को ठहरने, भोजन, लाकर, दवा व खोने आदि को लेकर सूचना प्रसारित करने तक की व्यवस्था की गयी है, जो पूरे सावन माह तक चलेगी।
जिला प्रशासन ने भी शिवभक्तों की सुरक्षा एवं सुविधा के लिये व्यापक इन्तजाम किया है। कांवरिया शिविरों में भी प्रशासन की ओर से सुरक्षाकर्मियों की तैनाती के साथ ही मेटल डिटेक्टर द्वार लगाया गया है। विश्वनाथ मन्दिर परिसर से सम्बन्धित गलियों व बाहर के मुख्य मार्ग के चारों ओर सुरक्षा कर्मियों की नियमित तैनाती के अतिरिक्त भारी संख्या में सुरक्षाकर्मी, अग्रिशमन दल, एंबुलेंस , बम डिस्पोजल दस्ता, डाग स्क्वायड आदि की भी तैनाती की गयी है।
इस संबंध में ज्ञानवापी सुरक्षा के पुलिस अधीक्षक ए.पी. सिंह ने बताया कि सावन के प्रथम सोमवार को बाबा विश्वनाथ का दर्शन करने के लिये आने वाली भारी भीड़ को ध्यान में रखकर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम कर लिए गये हैं।

उत्तर प्रदेश में कई स्थानों पर नौ दिनों से भारी वर्षा

लखनऊ, २१ जुलाई- उत्तर प्रदेश के ज्यादातर स्थानों में लगातार नौ दिन से हो रही मूसलाधार बरसात की वजह से जनजीवन बुरी तरह अस्तव्यस्त हो गया है। भारी बरसात की वजह से उफनाई राप्ती, शारदा, सरयू और घाघरा की बाढ़ व कटान से बस्ती, गोंडा और बाराबंकी समेत १३ जिलों में स्थिति गंभीर बनी हुई है।
केंद्रीय जल आयोग के अनुसार पिछले २४ घंटे में उस्का बाजार में २० सेमी, बागपत में १० सेमी, ककरही में आठ सेमी, मुखलिसपुर और बलरामपुर में छह-छह सेमी, बांसी और नरौरा में पांच-पांच सेमी, चिल्लाघाट व अयोध्या में चार-चार सेमी, बनी, तुर्तीपार भिन्गा, रिगौली में तीन-तीन सेमी तथा बर्डघाट चंद्रदीप घाटा और सीतापुर में दो-दो सेमी वर्षा हुई। अगले २४ घंटे में भी राज्य के सभी मंडलों के अनेक स्थानों पर सामान्य से भारी बारिश होने का अनुमान है।
आयोग के अनुसार घाघरा आज तुर्तीपार में खतरे के निशान पर बह रही थी और उसका जलस्तर घट रहा था जबकि अयोध्या और एल्गिनब्रिज में इसका जलस्तर लाल निशान से सात-सात सेमी नीचे था। इन दोनों स्थानों पर इसका जलस्तर बढ़ रहा है, कल सुबह तक खतरे के निशान पार हो जाने का अनुमान है। शारदा नदी आज सुबह पलियाकलां में लाल निशान से २८ सेमी ऊपर तथा शारदानगर में २४ सेमी नीचे बह रही थी। गंगा, यमुना, गोमती, केन, राप्ती, गंडक, कुआनो बूढ़ी, राप्ती और रामगंगा समेत सभी प्रमुख नदियों का जलस्तर राज्य में अपने जलप्रवाह मार्ग में सभी स्थानों पर एक बार फिर तेजी से बढ़ना शुरू हो गया है। इन नदियों का जलस्तर फिलहाल लाल निशान से काफी नीचे था।
संतकबीर नगर, सिद्धार्थ नगर, महाराजगंज, देवरिया और कुशीनगर जिलों में हो रही मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्तव्यस्त है। वहां की कुआनो आमी, राप्ती, बूढ़ी राप्ती, कूड़ा, गोरीगंडक, नारायणी आदि नदियों के फिर उफनाने से ३०० से ज्यादा गांव बाढ़ की चपेट में हैं। वहां बारिश की वजह से सड़क, बिजली और दूरसंचार सेवाएं प्रभावित हुई हैं। निचले इलाकों में जबरदस्त जलभराव है। कई कच्चे मकान गिर गए हैं। बांधों की मरम्मत का काम अब तक पूरा न होने से इस इलाके के एक दर्जन बांधों में दरार पडने का खतरा बना हुआ है। बस्ती में जिला प्रशासन को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। बाढ़ और अतिवृष्टि से गोंडा जिले में हालात खराब हैं। घाघरा की कटान से करीब ५२ किलोमीटर लम्बे चरसडी-एल्गिन बांध में कई जगह रिसाव हो रहा है और खतरे को देखते हुए करीब ३०० परिवारों ने तटबंध पर शरण ले रखी है।
कटान रोकने के लिए युद्धस्तर पर काम चल रहा है। बाढ़ राहत एवं बचाव के काम में मदद के लिए पीएसी की कंपनी तैनात कर दी गई है और बाढ़ में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए नाव व मोटर लांचर लगाए गए हैं। लखीमपुर जिले की पलिया, धौरहरा, लखीमपुर और निघासन तहसीलों के कई गांवों के बाढ़ और कटान से प्रभावित होने के मद्देनजर प्रशासन ने पीएसी की कंपनी बाढ और राहत कार्य में सहायता के लिए बुला ली है।

अगाथा संगमा नें भी किया परमाणु करार का समर्थन

नयी दिल्ली, २१ जुलाई- लोकसभा में आज शपथ लेने वालीं सदन में सबसे कम उम्र की सांसद अगाथा संगमा ने कहा कि वह भारत-अमेरिका परमाणु करार के ब्यौरे से पूरी तरह अवगत नहीं हैं लेकिन इसके बावजूद वह करार का समर्थन करेंगी।
लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता पी ए संगमा की २७ वर्षीय पुत्री अगाथा संगमा ने ‘ एक न्यूज़ चैनल' से कहा कि मैं करार के घटकों के बारे में नहीं जानती लेकिन मैं शिद्दत से करार का समर्थन करती हूं।
इस बारे में पूछे जाने पर कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और अन्य युवा सांसद करार का समर्थन कर रहे हैं उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि राहुल संभवत: सही हैं। मैं भी करार का समर्थन करती हूं।

सरकार गिरने से परमाणु करार पर असर नहीं : अमरीका

वाशिंगटन, २१ जुलाई । संसद में २२ जुलाई को प्रस्तावित विश्वास मत से पहले आज अमरीका ने साफ कर दिया है कि परमाणु समझौते को हर हाल में पूरा किया जाएगा। अमरीका के सहायक विदेश सचिव रिचर्ड बाउचर के अनुसार, विश्वास मत के दौरान फैसला संप्रग सरकार के हक में जाता है अथवा विरोध में, इससे बुश प्रशासन को कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, यदि सरकार विश्वास प्रस्ताव हार जाती है, तब भी करार का क्रियान्वयन किया जाएगा।
रिचर्ड बाउचर ने जोर देकर कहा, भारत में राजनीतिक बदलाव का परमाणु करार पर कोई असर नहीं पड़ेगा और अमरीका अल्पमत सरकार के साथ भी करार को लेकर आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सभी अल्पमत सरकारें एक सी होती हैं और सरकार के गिरने के बावजूद करार को अधर में नहीं छोड़ा जाएगा।
लोकसभा में संप्रग सरकार के गिर जाने की स्थिति में करार के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रिचर्ड ने कहा कि सरकार गिरे अथवा सत्ता में रहे, इससे परमाणु समझौते को कोई फर्क नहीं पड़ता। अमरीका भारत के किसी भी गठबंधन सरकार के साथ समझौते पर आगे बढ़ने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अमरीका ने परमाणु करार भारत सरकार के साथ किया है। भारत में किसी भी पार्टी का शासन रहे, इससे करार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

बलात्कार के मामले में नेता गिरफ्तार

ठाणे, २१ जुलाई- एक नाबालिग के साथ बलात्कार करने के मामले में फरार रहे चंद्रकांत दांडेकर और सुनंदा जोशी धारीया को पालघर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार चंद्रकांत दांडेकर एनसीपी का स्थानीय लीडर है और सुनंदा पीड़ित नाबलिग की मौसी बताई गई है।
गत मई माह में पालघर पुलिस स्टेशन में नाबालिग पर चंद्रकांत दांडेकर (५५) द्वारा किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ उसे रिश्तेदारों ने मामला दर्ज कराया था। सूत्रों के मुताबिक चंद्रकांत दांडेकर अपने रुतबे के चलते नवम्बर २००४ से ही नाबालिग के साथ बलात्कार करता आ रहा था। दांडेकर के इस काम में नाबालिग की मौसी उसकी मदद करती थी। मई माह में पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद से दोनों फरार हो गये थे। तत्पश्चात फरार दोनों ने पालघर कोर्ट से अंतरिम जमानत प्राप्त की थी। १९ जुलाई को जमानत अवधि समाप्त होते ही पुलिस ने दोनों को धर दबोचा। पालघर न्यायालय ने दोनों को २८ जुलाई तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है।