Jul 14, 2008

सेंसेक्स में लगातार तीसरे दिन भी गिरावट 139 अंक निचे

लगातार तीसरे सत्र में गिरावट का रुख दर्ज करते हुए बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) सेंसेक्स सोमवार को निधियों की लगातार बिकवाली से ३९ अंक लुढ़ककर बंद हुआ।
अंतरराष्ट्रीय बाजार के कमजोर रुख, राजनीतिक और अस्थिरता की वजह से आईटी और बैंकिंग शेयरों पर दबाव देखा गया और तीस शेयरों वाला सेंसेक्स पिछले बंद स्तर के मुकाबले १३९.३४ अंकों की गिरावट के साथ १३३३०.५१ अंक पर बंद हुआ।
हालाँकि तेल एवं रिफाइनरी मेटल और पीएसयू शेयरों में लिवाली बढ़ने से सेंसेक्स में बड़ी गिरावट टल गई। उधर नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी सूचकांक भी ४११८ अंक और ४००४.२५ अंकों के दायरे के बीच घूमता हुआ पिछले बंद स्तर के मुकाबले ९.३० अंक की गिरावट दर्ज कर ४०३९.७० अंक पर बंद हुआ।
बिकवाली दबाव बनने से सेंसेक्स में शामिल तीस कंपनियों के शेयर चढ़कर जबकि तीस कंपनियों के शेयर गिरकर बंद हुए। इस दौरान इन्फोसिस और रैनबैक्सी लैब को सबसे ज्यादा झटका लगा।

वेनेजुएला की डायना चुनी गई मिस. यूनिवर्स

मिस वेनजुएला डायना मेंडोजा को वर्ष 2008 का ब्रह्मांड सुन्दरी (मिस यूनिवर्स ) का खिताब मिला है।
विएतनाम के पर्यटन स्थल न्हात्रांग सिटी में हुई मिस यून‍िवर्स प्रतियोगिता में अस्सी देशों की सुन्दरियों ने भाग लिया।
२२ वर्षीया मेंडोजा को यहाँ ब्रह्मांड सुन्दरी के ५७ वें खिताब से नवाजा गया। इस शो में ७५०० से अधिक दर्शक मौजूद थे, जबकि दुनियाभर के एक अरब से ज्यादा लोगों ने टेलीविजन पर इस कार्यक्रम का सजीव प्रसारण देखा।

नार्को टेस्ट और ब्रेन मेपिंग का नया विकल्प " इलेक्ट्रिकल आसिलेशन सिग्नेचर (बीईओएस) "

देश में नार्को विश्लेषण और ब्रेन मैपिंग परीक्षणों की वैधता को लेकर हो रही बहस के बीच फॉरेंसिक विशेषज्ञों ने दावा किया है कि नई तकनीक ब्रेन इलेक्ट्रिकल आसिलेशन सिग्नेचर (बीईओएस) आपराधिक मामलों की जाँच के लिए वर्तमान प्रणालियों से अधिक प्रभावी है।
फोरेंसिक विज्ञान निदेशालय के सलाहकार मुकुंदन सीआर ने बताया बीईओएस संदिग्ध व्यक्ति के चुप रहने की स्थिति में भी मस्तिष्क की प्रतिक्रियाओं को पढ़ सकता है। यह अनेक संदिग्धों में से अपराध में शामिल वास्तविक व्यक्ति का पता लगा सकता है, जबकि नार्को विश्लेषण और ब्रेन मैपिंग में यह संभव नहीं है।
तकनीक के विकास में प्रमुख भूमिका निभाने वाले मुकुंदन ने कहा कि बीईओएस को ब्रिटिश साइकोलॉजिकल सोसायटी ने पहले ही सराहा है। सोसायटी ने हमसे वहाँ अन्य शोध कार्यों को जारी रखने के लिए प्रयोगशाला बनाने के लिए भी कहा है।
उन्होंने कहा कि नार्को विश्लेषण परीक्षण और ब्रेन मैपिंग किसी ठोस नतीजे पर नहीं पहुँचते, इसलिए विश्व के अनेक भागों में इसे सभी जाँच एजेंसियों ने छोड़ दिया है।
मुकुंदन ने कहा नार्को विश्लेषण परीक्षण में पाँच प्रतिशत बात ही मतलब की होती है, बाकी बेमतलब। मादक पदार्थों के प्रभाव में इस परीक्षण के दौरान संदिग्ध वह भी बोलता है, जो उसने किया नहीं, लेकिन करना चाहता था। यह बिलकुल शराब के दो तीन पैग पिए हुए व्यक्ति को सुनने जैसा है।
ब्रेन मैपिंग भी ठोस नतीजा नहीं देती। इसमें कोई विशेषता नहीं है और यह शरीर का तापमान मापकर किसी बीमारी का पता लगाने जैसी है।
मुकुंदन ने कहा कि ब्रेन मैपिंग और बीईओएस दोनों में ही मस्तिष्क की सतह से समय के अंतर्गत इलेक्ट्रिकल गतिविधियों को रिकॉर्ड किया जाता है। ब्रेन मैपिंग के मामले में संदिग्ध को कुछ बोलना पड़ता है और बीईओएस के अंतर्गत वह चुप रह सकता है।
मुकुंदन ने कहा यही बीईओएस की सबसे बड़ी विशेषता है। इसमें संदिग्ध पर जवाब देने के लिए दबाव नहीं डाला जाता।
फोरेंसिक विज्ञान निदेशालय दिल्ली के निदेशक एमएस राव ने कहा बीईओएस इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिकल गतिविधि (ईईजी) को रिकॉर्ड करने के लिए परंपरागत गैर आक्रामक और सुरक्षित प्रणाली है। इस तरह यह आपराधिक जाँच के लिए वर्तमान में इस्तेमाल में लाए जाने वाले तरीकों से बेहतर है।
उन्होंने कहा विदेशों में नागरिक मामलों में आपराधिक जाँच के लिए नार्को विश्लेषण परीक्षण पर कानूनन प्रतिबंध लगा दिया गया है।

सुरक्षा एजेंसीयों के लिए पहला एड्स सम्मलेन

इटानगर १४ जुलाई-देश के सुरक्षा एजेंसीयों (वर्दीधारी पुरुषों) के लिए यहां पहला एड्स सम्मेलन आयोजित किया गया जिसमें पुलिसकर्मियों को इस घातक बीमारी से संबंधित फिल्में दिखाईं गईं।
सावधान नाम का यह कार्यक्रम संयुक्त रूप से सीमा सुरक्षाबल । बीएसएफ. और यूएनएड्स द्वारा तैयार किया गया। केंद्रीय गृह मंत्रालय देश में २६ लाख पुलिसकर्मियों तक पहुंचने के लिए क्षेत्रीय और राष्ट्रीय स्तर पर ऐसे अन्य कार्यक्रम भी आयोजित कर रहा है।
यूएनएड्स के भारत समन्वयक रंजन द्विवेदी ने कहा प्रचार और जागरूकता के जरिए एड्स से लड़ने के लिए पुलिसकर्मियों को माध्यम बनाने के प्रयास किए जा रहे है ।
फिल्म में दिखाया गया है कि किस तरह बीएसएफ का एक डाक्टर उस जवान की जिन्दगी में उम्मीद की किरण लेया आता है जो लंबे समय तक अपने घर से दूर रहने के दौरान अनजाने में एचआईवी...एड्स का शिकार हो गया।
जवान को इस बात का उस समय पता चलता है जब वह अपने घायल साथी के लिए रक्तदान करने पहुंचता है। रक्तदान से पहले जब उसके खून की जांच की गई तो वह एचआईवी से संक्रमित पाया गया। वह इस बात से चिंतित हो गया कि उसकी गर्भस्थ पत्नी भी इस बीमारी से ग्रसित हो गई है।

Jul 13, 2008

अमर सिंह ने किया मायावती के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन

मुंबई, १३ जुलाई-अमर सिंह ने आज मुंबई में एक प्रेस वार्त कर उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती पर आरोप लगाते हुए कहा है कि वे उत्तरप्रदेश की पुलिस पर इस बात के लिए दवाब बना रहीं है कि किसी भी तरह से अमिताभ बच्चन और अमरसिंह को फंसाओं। मायावती पर उत्तरप्रदेश की पुलिस का दुरुपयोग करने का आरोप लगाते हुए अमर सिंह ने एक सीडी मीडिया को दिखाई है जिसमें उत्तर प्रदेश पुलिस के अधिकारी के के दिवेद्वी को दिखाया गया है। अमर सिंह ने सीडी के आधार पर आरोप लगाते हुए कहा है कि यह सीडी इस बात का प्रमाण है कि उत्तरप्रदेश की मुख्यमंत्री किस तरह से प्रशासन का दुरुपयोग कर रहीं है ।
इस सीडी में पुलिस के अधिकारी ने इस बात को माना है कि अमर सिंह और अमिताभ बच्चन के खिलाफ कोई मामला नहीं बनता लेकिन उत्तरप्रदेश के एक शीर्ष अधिकारी का आदेश है कि अमर और अमिताभ बच्चन को फंसाया जा।
अमर सिंह ने कहा कि मायावती उत्तरप्रदेश विधानसभा चुनाव के समय कई बार इस बात को दोहराया था कि सत्ता में आने पर मुलायम सिंह और अमर सिंह को जेल भेज देगी लेकिन यह समस्त बातें वे किस सबूत के आधार पर कह रहीं थी समझ से परें है। मुलायम सिंह को सिर्फ इस बात के लिए दोषी ठहराया जा रहा था कि एक व्यक्ति ने उनपर आरोप लगाया था जिसका कोई आधार नहीं था ।
आरुषि मामले में अमरसिंह ने उत्तरप्रदेश की पुलिस के द्वारा की गई जांच पर प्रश्न उठाते हुए कहा कि पुलिस अधिकारियों ने तलवार परिवार का चरित्र हनन किया है और इसके लिए राज्य की मुख्यमंत्री को तलवार परिवार से माफी मांगनी चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने दोषी अफसरों के तत्काल इस्तीफे की मांग भी की है । अमर सिंह ने कहा है कि उत्तरप्रदेश पुलिस के एडीजीपी बृजलाल को इस्तीफा दे देना चाहिए ।

मुंबई में हरियाली बढाने का कार्य कर रही है 'आई लव मुम्बई'

मुम्बई : हरियाली ही जीवन का आधार है। संस्था 'आई लव मुम्बई' ने इस मंत्र को अपने अस्तित्व का मकसद बना लिया है। महानगर में हरियाली को बढ़ावा देने के लिए यह अभियान चला रही है। इसी कड़ी में रविवार को मुम्बई के २५ केंद्रों में पौधों का नि:शुल्क वितरण किया जाएगा।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि बीएमसी के उपायुक्त जयराज फाटक होंगे। शेल इंडिया के सीईओ विक्रम मेहता और ऐक्ट्रिस वहीदा रहमान और पेरिजाद जोराबियन सम्मानित अतिथि की भूमिका निभाएंगी। अभियान का संचालन टाइम्स फाउंडेशन और 'आई लव मुम्बई' के संयुक्त तत्वावधान में किया जा रहा है।

दो जून रोटी का भी जुगाड़ नहीं कर पाने वालों ने दिए माया को 13 करोड़

नई दिल्ली, १३ जुलाई- सीबीआई ने आरोप लगाया है कि मायावती ने अपनी १३ करोड़ १८ लाख की राशि ऐसे १३० लोगों से दान में मिली बताई है जो अपने लिए दो जून रोटी का भी जुगाड़ नहीं कर सकते।
देश की प्रमुख जांच एजेंसी ने उच्च न्यायालय में दाखिल कराए अपने हलफनामे में कहा कि इस तथ्य के बारे में तब पता चला जब मायावती और उनके परिजनों द्वारा पेश की गई आयकर विवरणिका की जांच की गई।
हलफनामे में कहा गया है कि जांच से पता चला कि मुख्यमंत्री ने बाद में दान में दी गई इस राशि का आय की स्वैच्छिक घोषणा योजना [वीडीआईएस] में खुलासा किया। हलफनामे में कहा गया है कि यह पता लगा है कि सचल और अचल परिसंपत्तियों को हासिल करने के उद्देश्य से धन के इस स्रोत को छिपाने के लिए मायावती, उनके पारिवारिक सदस्यों और रिश्तेदारों द्वारा ३०७ दान और उपहार लिए जाने की जानकारी दी गई है जिनकी कुल कीमत १३ करोड़ १८ लाख रुपये है। बताया गया है कि यह राशि १३० दानदाताओं से प्राप्त की गई।
सीबीआई ने शीर्ष न्यायालय को जानकारी दी कि इनमें से ३० दानदाताओं को पता लगाने के बाद उनकी जांच की गई। एजेंसी ने आरोप लगाया कि इन दानदाताओं ने बताया है कि उनके पास ऐसे उपाय या संसाधन नहीं हैं कि वे इस कदर बड़ी धनराशि वाले उपहार या दान दे सकें जैसा कि आय कर विवरणिकाओं में प्रदर्शित किया गया है।
मायावती ने शनिवार को कहा था कि उनके खिलाफ दायर मामला राजनीति से प्रेरित है। सीबीआई ने इस आरोप से इंकार करते हुए कहा कि उसके द्वारा न्यायालय में पेश किया गया हलफनामा मुख्यमंत्री द्वारा दायर उस याचिका की प्रतिक्रिया में दिया गया है जिसमें उन्होंने [मायावती ने] उच्चतम न्यायालय से अपने खिलाफ अक्तूबर २००३ में दायर प्रथम सूचना रिपोर्ट को खारिज करने की मांग की थी।
अपने हलफनामे में सीबीआई ने उच्चतम न्यायालय को सूचित किया कि आयकर विभाग ने भी कुछ दानदाताओं की जांच की है और जांच के दौरान विभाग को दिए गए दानदाताओं के बयान एजेंसी के बयानों के समान ही हैं। हलफनामे में आरोप लगाया गया है कि दानदाताओं ने बताया कि दिल्ली के किसी महेश गर्ग ने उनके बैंक खाते खुलवाए। खाते खुलवाने के बाद उसने दानदाताओं के हस्ताक्षर किए हुए चेक अपने पास रख लिए। उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें अपने खातों में हुए लेन-देन के बारे में कोई जानकारी नहीं है क्योंकि इन सभी खातों का संचालन गर्ग ही करता था।
हलफनामे में कहा गया है कि गुरचरण कौर, कुलवंत कौर और सरवन कौर नाम की तीन महिलाओं को मायावती को २८-२८ लाख रुपये की राशि दान देते बताया गया है। आयकर विभाग ने दर्ज किया है कि इन तीनों ने १९९७ की वीडीआईएस में २८ लाख रुपये की इस धनराशि की घोषणा की है। इन महिलाओं ने इस राशि पर कर भी अदा किया है।
वीडीआईएस में तीनों महिलाओं ने घोषणा की थी कि यह धन उन्हें उनके पिता हरि सिंह ने दिया था। जांच के दौरान पाया गया कि हरि सिंह एक मामूली दस्तकार है और वह इतना ही धन कमा पाता है कि उससे कोई बचत नहीं की जा सकती।
एजेंसी ने दावा किया कि इसके अलावा महिलाओं की अपनी भी ऐसी कोई आय नहीं है कि वे इतनी बड़ी धनराशि को किसी को उपहार के तौर पर दे सकें। सीबीआई ने यह भी कहा कि अर्जित आय से अधिक धन संबंधी जांच से यह भी पता चला कि १९९५ में पहली बार उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री बनने के बाद से मायावती की संपत्ति में भारी इजाफा हुआ है।