Jun 30, 2008

भारतीय स्टेट बैंक ने जमाराशि पर ब्याज बढ़ाया

प्रमुख उधारी दर बढ़ाने के एक दिन बाद देश के सबसे बड़े बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) ने जमा की ब्याज दरों में पौना फीसदी (०.75 आधार अंक) तक की बढ़ोतरी करने की शुक्रवार को घोषणा की है, जो 30 जून से प्रभावी होगी।
मुंबई स्टाक एक्सचेंज को दी जानकारी में एसबीआई ने बताया कि 181 दिनों से लेकर एक साल से कम अवधि के लिए जमा की ब्याज दर 7.5 फीसदी से बढ़ाकर 8 फीसदी कर दी गई है।
एक साल से लेकर तीन साल से कम अवधि के लिए जमा की ब्याज दर 8.75 फीसदी से बढ़ाकर 9.5 फीसदी कर दी गई है। जबकि तीन साल से लेकर पाँच साल से कम अवधि के लिए जमा पर ब्याज दर 8.85 फीसदी से बढ़ाकर 9 फीसदी कर दी गई है। हालाँकि 180 दिनों तक की अल्पावधि की जमाओं पर ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखा गया है।
बैंक ने वरिष्ठ नागरिकों के लिए भी जमा की ब्याज दरें बढ़ाई हैं। उनके लिए एक साल से लेकर तीन साल से कम अवधि की जमाओं पर ब्याज दर 9.25 फीसदी से बढ़ाकर 10 फीसदी कर दी गई है।

स्कूल की फीस बहुत ज्यादा अभिभावक

दस में से नौ माता-पिता मानते हैं कि उनके बच्चे की स्कूल की फीस वास्तव में बहुत ज्यादा है और इसके भरने के लिए कई कठिनाइयों का सामना करते हैं। उद्योग संगठन एसोचैम के आज यहाँ जारी एक सर्वेक्षण में यह दावा करते हुए कहा गया कि स्कूल में पढ़ने वाले एक बच्चे का वार्षिक खर्च औसतन 65 हजार रुपए हो गया है जो वर्ष 2005 में 25 हजार रुपए प्रति वर्ष था। संगठन ने इस दौरान सर्वेक्षण में शामिल किए गए माता-पिताओं की वार्षिक आमदनी में 25 प्रतिशत से 30 प्रतिशत का इजाफा हुआ। इस सर्वेक्षण में दिल्ली, मुंबई, लखनऊ, देहरादून, पुणे, बंगलुरु, चेन्नई और चंडीगढ़ के लगभग 2000 हजार दंपत्तियों को शामिल किया गया। देश के लगभग तीन करोड़ बच्चे निजी स्कूलों में शिक्षा ग्रहण करते हैं, जिनकी फीस मुद्रास्फीति के मुकाबले ज्यादा तेजी से बढ़ती है।

कच्चे तेल की कीमत 143 डॉलर की नई ऊंचाई पर

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर तेल की कीमतों के सोमवार को 143 डॉलर प्रति बैरल की नई रिकॉर्ड ऊँचाइयों पर पहुँचने के बाद फ्रांस के ट्रक मालिकों ने तेल की बढ़ती हुई कीमतों को लेकर सड़कों पर प्रदर्शन किया।
डॉलर के कमजोर होने की वजह से शुक्रवार को न्यूयॉर्क कच्चा तेल अब तक की रिकॉर्ड ऊँचाई १४२.99 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया। तेल का मूल्य डॉलर में आँका जाता है और डॉलर के कमजोर होने से तेल की माँग में भी बढ़ोतरी हुई है।
यूरोपियाई ट्रेडिंग के शुरू में आज लंदन ब्रेंट क्रूड गत शुक्रवार की अपनी पूर्व रिकॉर्ड ऊँचाई में एक सेंट की बढ़ोतरी के साथ 142.98 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया।

'परमाणु क़रार लागू करने से पहले संसद का सामना करेंगे'

देश के प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने पिछले कुछ दिनों की अपनी चुप्पी तोड़ते हुए वामदलों की समर्थन वापसी की चेतावनी को दरकिनार कर दिया सोमवार को कुछ पत्रकारों से बातचीत के दौरान कहा कि सरकार अमरीका के साथ संभावित परमाणु क़रार को लागू करने से पहले संसद का सामना करने के लिए तैयार है ।
उन्होंने इस बात की आवश्यकता पर भी ज़ोर दिया कि सरकार को अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी(आईएईए) और परमाणु आपूर्ति समूह(एनएसजी) के साथ समझौते की प्रक्रिया पूरी करने का मौक़ा दिया जाना चाहिए ।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने कहा, "हमें परमाणु क़रार पर चल रही प्रक्रिया पूरी करने का मौक़ा दिया जाना चाहिए. एक बार हम इसे पूरा कर लें, फिर हम संसद के सामने इसे रखेंगे."
प्रधानमंत्री का यह ताज़ा बयान एक दिन पहले ही यानी रविवार को मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीएम) की चेतावनी के बाद आया है जिसमें सीपीएम ने स्पष्ट कहा था कि अगर सरकार परमाणु क़रार पर आगे बढ़ती है तो वे यूपीए से समर्थन वापस ले लेंगे ।
वामपंथी दल कांग्रेस के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार को बाहर से समर्थन दे रहे हैं पर वामदलों और सरकार के बीच पिछले कुछ महीनों से परमाणु क़रार के मुद्दे पर गतिरोध बना हुआ है ।
स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि जहाँ कांग्रेस परमाणु क़रार को लेकर प्रतिबद्ध नज़र आ रही है वहीं वामदल क़रार को किसी भी क़ीमत पर लागू होते नहीं देखना चाहते हैं ।
अब इस मुद्दे पर अगर वामदल सरकार से समर्थन वापस लेते हैं तो सरकार अल्पमत में आ जाएगी । हालांकि सीपीएम महासचिव के बयान के बाद प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए कांग्रेस पार्टी ने कहा था कि उनकी सरकार को वामदलों के समर्थन वापस लेने से कोई ख़तरा नहीं पैदा होने वाला ।
इसके ठीक बाद प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह का यह ताज़ा बयान इस बात को और पुष्ट करता है कि सरकार परमाणु क़रार के मुद्दे पर पीछे हटने को तैयार नहीं है । हालांकि सोमवार को अपने बयान में प्रधानमंत्री ने यह भी विश्वास जताया है कि परमाणु क़रार के मसले पर सरकार वामदलों सही अन्य राजनीतिक दलों की चिंता को भी ध्यान में रखकर आगे बढ़ेगी ।

Jun 29, 2008

असम में विस्फोट, 5 मरे, 35 घायल

निचले असम के बक्सा जिले में एक साप्ताहिक बाजार में रविवार को एक शक्तिशाली बम विस्फोट में तीन महिलाओं सहित पाँच लोग मारे गए तथा 35 अन्य घायल हो गए।
अधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इसी बाजार से दूसरा बम बरामद किया गया। जिले के तमुलपुर में कुमारीकाटा के भीड़ भरे बाजार में दोपहर करीब एक बजकर 10 मिनट पर बम विस्फोट हुआ, जिसमें पाँच लोग घटनास्थल पर ही मारे गए।
घायलों को स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जबकि गंभीर रूप से पाँच घायलों को गुवाहाटी मेडिकल कॉलेज अस्पताल भेज दिया गया है। इलाके में तनाव की स्थिति की बनी हुई है।

मावोवादियों नें जवानों की नौका पर किया हमला

नौका डूबने की आशंका
उड़ीसा-आंध्र प्रदेश के नक्सल रोधी बल और उड़ीसा पुलिस के लगभग ५० जवानों के संयुक्त दल उड़ीसा के दक्षिण स्थित मलकानगिरी जिले में बलिमेला जलाशय में डूबने की आशंका जतायी जा रही है । उपरोक्त दल जिस नाव में सवार था उसपर मावोवादियों नें गोलीबारी की जिसके कारण यह घटना घटी ।
उड़ीसा के पुलिस महानिदेशक गोपाल नंदा के अनुसार घटना आलमपेट्टा गाँव के पास उस समय घटी जब लगभग ६४ जवान मावोवादियों के खिलाफ एक संयुक्त अभियान हेतु जा रहे थे ।
खबर है कि नांव में सवार आठ जख्मी जवान तैरकर जलाशय के किनारे तक आने में सफल हो सके उन्हें अस्पताल में पहुंचा दिया गया है तथा अन्य लापता पुलिस कर्मियों के तलाशी के लिए अभियान जारी है ।
पुलिस महानिदेशक नंदा नें कहा है कि हम इस समय लापता जवानों की सही संख्या तो नहीं बता सकते । किंतु उन्होंने बताया कि तीन जवान चित्रकोडा पुलिस थाने के है मलकानगिरी जिले के पुलिस अधीक्षक एस० के० गजभिये नें कहा है कि अभी तक किसी भी जवान का शव नहीं मिला है किंतु तलाशी के दौरान दल को जलाशय के भीतर ४० मीटर गहराई से जवानों की टोपिया जरूर मिली है ।

आनंद शुक्ला उत्तर भारतीय एकता मंच के अध्यक्ष पद से हटाये गये

मुंबई- वर्षों पूर्व उत्तर भारतीयों के हित की लडाई लड़ने के उद्देश्य से बनाई गयी उत्तर भारतीय एकता मंच नामक संस्था में फूट पड़ गयी है संस्था के पदाधिकारियों का संस्था के अध्यक्ष पर मनमानी करने का आरोप है । पदाधिकारियों द्वारा संस्था के हिसाब-किताब का ब्यौरा मांगे जाने पर अध्यक्ष नें उन्हें सही जानकारी नही दिया परिणाम स्वरूप संस्था के लोगों नें पुराने अध्यक्ष को हटा कर उनके स्थान पर नये अध्यक्ष की नियुक्ति कर दी गयी है ।
संस्था के पदाधिकारियों द्वारा मिली जानकारी के अनुसार उत्तर भारतीयों में मशहूर हिन्दी दैनिक अखबार यशोभूमी के संपादक आनंद शुक्ला महाराष्ट्र में रहने वाले सभी उत्तर भारतीयों को एक मंच पर लाने के लिए उत्तर भारतीय एकता मंच नामक संस्था का गठन किया था और वे उसके अध्यक्ष बने । संस्था में काम करने की उनकी भूमिका को लेकर बराबर नाराजगी बनी रहती थी । धीरे-धीरे मामला इतना बढ़ गया कि संस्था के लोगों नें आनंद शुक्ला को अध्यक्ष पद से हटा कर उनकी जगह पर दिनांक २४ जून २००८ को अशोक तिवारी को संस्था का नया अध्यक्ष बना दिया है ।
संस्था के जिलास्तरीय पदाधिकारी दिनेश गुप्ता नें खुशी व्यक्त करते हुए कहा है कि अशोक तिवारी के नेतृत्व में पहले की अपेक्षा यह संस्था अधिक विकास करेगी तथा उत्तर भारतीयों के प्रगती और कल्याण के लिए कार्य करेगी ।