Sep 27, 2008

संयुक्त राष्ट्र की सुरक्षा परिषद को प्रधानमंत्री नें संबोधित किया

संयुक्त राष्ट्र, २७ सितम्बर- भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने आज संयुक्तराष्ट्र महासभा के 63 वीं सत्र को संबोधित करते हुए कहा है कि अब सुरक्षा परिषद में बदलाव का समय आ गया है। उन्होंने कहा कि 21वीं सदी की समकालीन वास्तविकताओं के अनुरूप सुरक्षा परिषद का पुनर्गठन किया जाना चाहिए।
इसके साथ ही मनमोहन सिंह ने भारत अमेरिका परमाणु करार, आतंकवाद और कश्मीर मसले के साथ ही विश्व बाजार की वर्तमान दशा और दिशा पर अपने विचार जोरदार अंदाज में रखते हुए संसार के सामने भारत की सोच को रखा है।
भारतीय प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने भारत- अमेरिका परमाणु करार पर विश्व को संदेश देने का प्रयास करते हुए कहा कि परमाणु करार से उर्जा सुरक्षा का बल मिलेगा। उन्होंने कहा कि परमाणु करार से पूरे विश्व को फायदा होग।
प्रधानमंत्री ने विश्व भर में बढ़ रही आतंकी घटनाओं पर चिंता जताते हुए कहा है आतंकवाद पर लगाम लगाना जरूरी हो गया है। अफगानिस्तान में आतंकवाद कि स्थिति का उल्लेख करते हुए उन्होंने अपनी चिंता जताई है।
प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में विश्व के आर्थिक तंत्र में व्यापक सुधार किए जाने पर जोर दिया है। उन्होंने कहा है कि विकसित राष्ट्रों को खाद्य सब्सिडी घटाने पर सोचना होगा। इसके साथ ही उन्होंने गैल और तेल बाजार में स्थिरता लाने पर जोर दिया है।
प्रधानमंत्री ने कश्मीर मसले पर पड़ोसी राष्ट्र पाकिस्तान के साथ चल रहे विवाद पर बोलते हुए कहा है कि कश्मीर मसले समेत सभी विवाद बातचीत से हल किए जा सकते है।

Sep 26, 2008

परमाणु करार टला. बुश ने जल्द मंजूरी का वादा किया

वाशिंगटन, २६ सितंबर- प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह और अमरीकी राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश के बीच आज यहां करीब ४५ मिनट तक चली मुलाकात के बावजूद असैन्य परमाणु करार पर अमरीकी संसद से मंजूरी न मिलने के कारण हस्ताक्षर नहीं हो सके ।
हालांकि श्री बुश ने डा सिंह को परमाणु समझौते के जल्द सम्पन्न होने का आश्वासन दिया । श्री बुश ने कहा कि यह समझौता संसद के जरिये इस तरीके से सम्पन्न किया जाएगा जिससे भारत संतुष्ट । श्री बुश ने व्हाइट हाउस के ओवल कार्यालय में भारतीय समयानुसार रात करीब ढाई बजे प्रधानमंत्री का स्वागत करते हुए कहा हम चाहते हैं कि यह समझौता ऐसा हो जिससे आप संतुष्ट हों और हम इसे अपनी संसद से मंजूर करायें । इसलिए हम इस समझौते के संसद में यथाशीघ्र पारित होने के लिए कडी मेहनत कर रहे हैं । दोनों नेताओं की मुलाकात ४५ मिनट से भी ज्यादा चली ।
डा. सिंह ने कहा मुझे उम्मीद है कि अमरीकी संसद के समक्ष विचाराधीन यह करार ऐसे रूप में मंजूर होगा जिससे दोनों ही देश पूरी तरह संतुष्ट होंगे । जब इतिहास लिखा जाय तो इसमें सनद रहे कि राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश ने दोनों लोकतांत्रिक देशों को करीब लाने का ऐतिहासिक लक्ष्य हासिल किया । इस बीच सूत्रों ने बताया कि सीनेट की विदेश मामलों की समिति द्वारा करार पर १९.२ से मतदान किये जाने के बाद शुरूआती हर्षोन्माद के बाद समति ने कहा कि परमाणु परीक्षण के भारत के अधिकारों में कटौती की जाय तथा सिफारिश की कि यदि भारत परमाणु परीक्षण करता है तो उसे परमाणु सामग्री । इससे जुडे उपकरण और प्रौद्योगिकी की आपूर्ति तत्काल बंद कर दी जाय ।

लालकृष्ण आडवाणी को धमकाने वाला गिरफ्तार

शिलांग, २६ सितम्बर- भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता लालकृष्ण आडवाणी के २९ सितंबर को शिलांग दौरे के दौरान जान से मारने की ईमेल से मिली धमकी के सिलसिले में मेघालय पुलिस ने कानून के एक छात्र को गिरफ्तार किया है। शिलांग विधि कालेज के तीसरे वर्ष के छात्र मोइनुल हक ३० से पुलिस ने कई घंटे पूछताछ की। इस दौरान हक द्वारा अपराध स्वीकार करने के बाद पुलिस ने बृहस्पतिवार रात उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने एक साइबर कैफे के मालिक समेत आठ लोगों को गिरफ्तार किया।
इंडियन मुजाहिदीन फील्ड कमांडर नार्थ ईस्ट अली हुसैन बद्र द्वारा स्थानीय समाचार पत्रों को भेजे गए ईमेल में कहा गया कि हम शिलांग यात्रा के दौरान आडवाणी को जान से मार देंगे। बद्र ने यह भी दावा किया था कि इंडियन मुजाहिदीन का आत्मघाती दस्ता राज्य की राजधानी में आडवाणी की राष्ट्रव्यापी संकल्प यात्रा के तहत २९ सितंबर को होने वाली रैली के दौरान उन्हें जान से मारने के लिए तैयार है।
विशेष शाखा के पुलिस महानिरीक्षक के एस.बी.सिंह ने बताया कि हक ने आडवाणी को जान से मारने की धमकी वाला ईमेल भेजने की बात स्वीकार की है। कानून के इस छात्र ने कहा कि उसने इंडियन मुजाहिदीन के नाम पर यह ईमेल भेजा। सिंह ने बताया कि हक का इंडियन मुजाहिदीन के साथ कोई संबंध होने के बारे में पता लगाने के लिए हम उससे और पूछताछ करेंगे।

Sep 25, 2008

गोधरा कांड का सच है नानावटी की रिपोर्ट: जावडेकर

भारतीय जनता पार्टी ने गोधरा कांड पर नानावटी आयोग की रिपोर्ट का स्वागत करते हुए कहा कि यह रिपोर्ट सकारात्मक और व्यापक है। इस इस रिपोर्ट ने रेलमंत्री लालू प्रसाद के उस दावे को पूरी तरह ठुकरा दिया कि कारसेवकों पर बाहर से हमला नहीं हुआ।
भाजपा प्रवक्ता प्रकाश जावडेकर ने बृहस्पतिवार को कहा कि आयोग की रिपोर्ट ने इस तथ्य को उजागर किया है कि कारसेवकों पर ट्रेन के बाहर से ही हमला हुआ और वह सामूहिक आत्मदाह नहीं था जैसा कि न्यायमूर्ति बनर्जी जांच समिति ने सुझाया है। उन्होंने कहा कि मुख्य अभियुक्त के खिलाफ अदालत के समक्ष पुलिस के दस्तावेज और साक्ष्य मजबूत और वैध थे और जमानत याचिका ठुकरा दी गई थी।
उन्होंने कहा कि नानावटी आयोग की रिपोर्ट गुजरात विधानसभा में बृहस्पतिवार को पेश कर दी गई और यह रिपोर्ट यह साबित करेगी कि इस घृणित कृत्य के लिए अभियुक्तों के खिलाफ अच्छे प्रमाण मौजूद है।

Sep 24, 2008

मुंबई पुलिस नें किया ५ आतंकियों को गिरफ्तार

मुम्बई, २४ सितम्बर- देशभर में हुए बम विस्फोट के सिलसिले में मुम्बई पुलिस की अपराध शाखा ने ५ आतंकवादियों को भारी मात्रा में विस्फोटक हथियारों के साथ महानगर के विभिन्न इलाकों से गिरफ्तार किया है।
मुम्बई पुलिस के आयुक्त हसन गफूर ने मीडिया को पकड़े गए पांचों आतंकवादियों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। इनमें से दो आतंकवादी सॉफ्टवेयर इजीनियर हैं। मुम्बई के पुलिस कमिश्नर द्वारा दी गई जानकारी के मुताबिक ये आतंकवादी मुम्बई में गणेशोत्सव के दौरान आतंकी कार्रवाई करना चाहते थे। इन आतंकवादियों के पास जो हथियार बरामद हुए हैं उनमें हल्की मशीनगन, डेटोनेटर, बॉल बेयरिंग और रिवॉल्वर शामिल हैं।
पकड़े गए आतंकवादी सभी आतंकवादी आजमगढ़ (उत्तरप्रदेश) के रहने वाले हैं। ये सभी सिमी के सदस्य हैं और बाद में इंडियन मुजाहिदीन से जुड़ गए। इन आतंकवादियों में से ३२ वर्षीय अफजल उस्मानी आजमगढ़ का रहने वाला है। उसने नवी मुम्बई से ४ कार चुराई थीं, जिनका अहमदाबाद धमाकों में इस्तेमाल किया गया था। अफजल पर १९९६ से अबतक मुम्बई में नौ मामले दर्ज हैं। यह एकमात्र आतंकवादी है जिसका पुलिस के पास आपराधिक रिकॉर्ड पहले से है।
३० वर्षीय मोहम्मद सादिक शेख एक सॉफ्टवेयर इंजीनियर है। फिलहाल मुम्बाई के चीता कैम्प का रहने वाला सादिक इंडियन मुजाहदीन का सबसे खास सदस्य था। मोहम्मद आरिफ शेख को मुंब्रा से गिरफ्तार किया गया है। उसे बम के सर्किट बनाने में विशेष महारत हासिल है। वर्ष २००५ के बाद के सभी बम धमाकों में उसका हाथ है। मोहम्मद जाकिर शेख आजमगढ़ का रहने वाला है तथा भिंवडी में रह रहा था। सूरत में बरामद हुए बम में उसका हाथ है। शेख मोहम्मद अंसार ट्रांबे में रह रहा था। वह भी सॉफ्टवेयर इंजीनियर है।
इन आतंकवादियों के पास से भारी मात्रा में विस्फोटक, डिटोनेटर, १० किलोग्राम अमोनियम नाइट्रेट, बॉल बियरिंग, इलेक्ट्रानिक सर्किट, एक मशीनगन, २ पिस्टल भी बरामद किया गया है। मुम्बई पुलिस कमिश्नरर ने अपनी पत्रकार वार्ता में कहा कि ये गिरफ्तारियां अन्य राज्यों की पुलिस से जानकारी के आदान-प्रदान से संभव हो पाई हैं।
उन्होंने खासतौर पर मुम्बई के उन आम लोगों की तारीफ की और बधाई दी जिनकी मदद और दी हुई जानकारी से मुम्बई पुलिस के लिए इन कट्टर आतंकवादियों को पकड़ना संभव हुआ है।
आज हुई पत्रकार वार्ता में मुम्बई संयुक्त पुलिस आयुक्त राकेश मारिया ने एक और अहम खुलासा करते हुए यह भी बताया कि पुलिस को अब रोशन खान नामक आतंकवादी की सरगर्मी से तलाश है, जिसने सादिक नामक आतंकवादी के साथ मिलकर ‘इंडियन मुदाहिद्दीन’ बनाया है। रोशन खान कर्नाटक का रहने वाला है।
मुम्बई पुलिस ने कहा कि देशभर में आतंकवादियों के खिलाफ की जा रही धरपकड़ आगे भी जारी रहेगी और लोगों से सतर्क रहने को कहा गया है।
आज हुई पत्रकार वार्ता में मुम्बई पुलिस ने कहा है कि पकड़े गए पांच में से तीन आतंकवादियों ने ‘विदेश’ में ट्रेनिंग ले रखी है। हालांकि पत्रकारों द्वारा ‘विदेश’ का अर्थ पूछने पर शीर्ष पुलिस अधिकारियों ने किसी देश का नाम लेने से इंकार कर दिया।

आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में सबको सहयोग देना होगा: राष्टपति

लखनऊ, २४ सितम्बर- (आईएएनएस)। राष्ट्रपति प्रतिभा पाटिल ने हाल के दिनों में देश में आतंकवादी घटनाओं में हुई बढ़ोतरी और साम्प्रदायिक सौहार्द बिगड़ने पर गहरी चिन्ता व्यक्त करते हुए कहा कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में प्रत्येक नागरिक को सहयोग देना होगा।
लखनऊ विश्वविद्यालय के विशेष दीक्षांत समारोह में साहित्य में डाक्ट्रेट की मानद उपाधि से सम्मानित होने के बाद राष्ट्रपति ने कहा कि आज आतंकवाद विकास का सबसे बड़ा दुश्मन है। देश के हर नागरिक का कर्तव्य है कि वह आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अपना सहयोग दे।
पिछले दिनों राजधानी दिल्ली में आतंकवाद से मुकाबला करने वाले सुरक्षा बलों और पुलिसकर्मियों की सराहना करते हुए प्रतिभा पाटिल ने आतंकवादियों के साथ मुठभेड़ के दौरान शहीद हुए पुलिस इंस्पेक्टर मोहन चन्द्र शर्मा को श्रध्दांजलि अर्पित की।
राष्ट्रपति ने कहा कि हमें भटके हुए अपने कुछ युवाओं के मन से घृणा निकालनी होगी और उन्हें शांति और साम्प्रदायिक सद्भाव के रास्ते पर लाना होगा।

न्यायालयों की भाषा बदलकर हिंदी करने पर विचार

नई दिल्ली, २४ सितम्बर- विधि आयोग इस बात पर विचार कर रहा है कि क्या सुप्रीमकोर्ट व हाईकोर्ट के फैसलों को अंग्रेजी की बजाए हिंदी में लिखा जाना चाहिए। विधि आयोग की ओर से जल्दी ही इस बारे में रिपोर्ट दिए जाने की संभावना है कि क्या सुप्रीमकोर्ट और हाईकोर्ट के लिखित फैसलों की भाषा बदलकर हिंदी कर दी जाए।
संसद की एक समिति ने इस बात की सिफारिश की है कि शीर्ष अदालत और हाईकोर्ट की भाषा हिंदी होनी चाहिए। हालांकि संविधान के अनुच्छेद ३४८ के मुताबिक शीर्ष अदालत और हाईकोर्ट की भाषा अंग्रेजी है।
आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति ए आर लक्ष्मणन ने कहा कि इस मुद्दे पर जल्दी ही कानून और न्याय मंत्रालय को रिपोर्ट सौंपी जाएगी। कानून मंत्रालय की ओर से मामले को आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति लक्ष्मणन को भेजे जाने के बाद इस पर प्रख्यात विधिशास्त्रियों सुप्रीमकोर्ट व हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों एवं वरिष्ठ अधिवक्ताओं से राय मांगी गई थी। आयोग ने जो मसौदा तैयार किया है उसके अनुसार कई विशेषज्ञों ने यह राय जाहिर की है कि अदालतों की भाषा बदलकर हिंदी नहीं की जानी चाहिए।
विशेषज्ञों का कहना है कि अदालतों विशेषकर सुप्रीम व हाईकोर्ट की भाषा अंग्रेजी बनी रहनी चाहिए क्योंकि भाषा हिंदी करने का अभी समय नहीं आया है।