Oct 3, 2008

पाक के उत्तरी वजीरिस्तान में अमेरिकी हमला २१ मरे

वजीरिस्तान, ४ अगस्त- इस्लामाबाद। पाकिस्तान और अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाके में आज हुये अमेरिकी मिसाइल हमले में २१ लोगों की मौत हो गयी।
पाकिस्तानी समाचार चैनल “डॉन न्यूज” पर प्रसारित रिपोर्ट में खुफिया अधिकारियों के हवाले से बताया गया कि उत्तरी वजीरिस्तान के कबायली इलाके में हुये इस मिसाइल हमले में १६ विदेशियों सहित २१ लोग मारे गये। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार मिरानशाह से ३० किमी पश्चिम में स्थित मोहम्मदखेल गांव में यह हमला हुआ।
हालांकि इस बीच सेना के प्रवक्ता मेजर जनरल अतहर अब्बास ने खुफिया जानकारी का खंडन करते हुये अफगान सीमा में इस मिसाइल हमले की बात कही थी। पाकिस्तानी सीमा में इस तरह के किसी हमले की जानकारी मिलने से उन्होंने इंकार किया था।
जबकि खुफिया अधिकारियों ने इस हमले के बारे में पुख्ता जानकारी देते हुये कबालियों के घरों को हमले का निशाना बनाने की जानकारी दी है। फिलहाल सरकार की ओर से इस बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी गयी है।
पाकिस्तानी खुफिया अधिकारियों ने बताया कि उत्तरी वजीरिस्तान में मिरानशाह से ६० किमी पश्चिम में स्थित दत्ताखेल गांव में यह हमला हुआ। अधिकारियों ने बताया कि कबायली इलाके में हुये इस हमले में कुछ लोग घायल भी हुये हैं।
गौरतलब है कि तालिबान और अलकायदा की सुरक्षित पनाहगाह माने जाने वाले इस इलाके को आंतकवादियों से खाली कराने के लिये इस क्षेत्र में पिछले कुछ समय से अमेरिकी मिसाइल हमले हो रहे हैं। हालांकि पाकिस्तान सरकार ने इन हमलों का सख्त विरोध करते हुये इस क्षेत्र में अपने स्तर पर आतंकवाद विरोधी अभियान चलाने की बात कही है।

भारत में ३७ हजार महीने की मोटी कमाई करने वाले पिछडे लोग

नई दिल्ली, ३ अक्टूबर- सरकार ने क्रीमी लेयर के लिए आय की अधिकतम सीमा को ढाई लाख रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर साढ़े चार लाख रुपये प्रतिवर्ष करने का निर्णय किया। इससे अन्य पिछड़े वर्ग के और ज्यादा लोग आरक्षण का लाभ उठा सकेंगे।
प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की अध्यक्षता में हुई केन्द्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय का निर्णय लिया गया। केन्द्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री प्रिय रंजन दासमुंशी ने बैठक के बाद संवाददाताओं को बताया मंत्रिमंडल ने क्रीमी लेयर के लिए आय की सीमा को मौजूदा ढाई लाख रुपये प्रति वर्ष से बढ़ाकर साढ़े चार लाख रुपये प्रतिवर्ष करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी।
केन्द्रीय सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय ने राष्ट्रीय पिछड़ा वर्ग आयोग की सिफारिशों के आधार पर यह प्रस्ताव किया था। कैबिनेट के फैसले के आधार पर समुचित आदेश जारी करने के लिए इस फैसले से मानव संसाधन विकास मंत्रालय और कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग को अवगत कराया जाएगा।
ओबीसी आरक्षण पर क्रीमी लेयर के लिए सबसे पहले १९९३ में एक लाख रुपये की वार्षिक आयसीमा तय की गई थी जिसे २००४ में बढ़ाकर ढाई लाख रुपये प्रतिवर्ष किया गया था।

नैनो प्लांट को रतन टाटा सिंगूर से हटाने का एलान किया

कोलकाता, ३ अगस्त- टाटा मोटर्स के प्रमुख रतन टाटा ने पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री बुद्धदेव भट्टाचार्य के साथ शुक्रवार को हुई बैठक में कोई सर्वमान्य हल नहीं निकलने के बाद अपनी बहुप्रतीक्षित छोटी कार नैनो का संयंत्र सिंगुर से हटाने की घोषणा की।
सूत्रों के अनुसार जहां तक नैनो प्रोजेक्ट अब गुजरात या महाराष्ट्र में स्थापित हो सकती है और गुजरात में नैनों प्रोजेक्ट लगाने को लेकर रतन टाटा गुजरात के मुख्यमंत्री से जल्द ही मुलाकात करेंगे ऐसा माना जा रहा है।
गौरतलब है कि नैनो प्रोजेक्ट को लेकर सिंगूर में काफी समय से विवाद चल रहा था और काफी प्रयासों के बावजूद भी इसका समाधान नहीं निकल पाया। जिसे देखते हुए रतन टाटा ने इस बात की घोषणा कर दी कि अब नैनो प्रोजेक्ट को सिंगूर में नहीं कहीं दूसरी जगह स्थापित करेंगे।
नैनो कार परियोजना से प्रभावित किसानों की मांगों को लेकर तृणमूल कांग्रेस के आंदोलन के कारण संयंत्र का कामकाज २९ अगस्त से ही ठप पड़ा हुआ था।
राज्य सरकार ने टाटा मोटर्स को काम शुरू करने की दिशा में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया लेकिन रतन टाटा ने कहा कि पुलिस संरक्षण में काम कर पाना संभव नहीं है जिसके बाद रतन टाटा ने हालात सामान्य नहीं होने की दशा में नैनो कार परियोजना को राज्य से बाहर ले जाने की बात कही थी और आज अंततः वो दिन आ गया जब रतन टाटा ने सिंगूर को टाटा कह ही दिया

भुजबल नें वापस लिया मानहानि का मुकद्दमा

मुंबई, ३ अक्टूबर- ताजा जानकारी के मुताबिक एनसीपी नेता छगन भुजबल ने शि‍वसेना प्रमुख बाल ठाकरे के खिलाफ लगाया गया मानहानि का मुकदमा वापस लेने का फैसला किया है।
गौरतलब है कि १९९७ में भुजबल ने 'सामना' में अपने खिलाफ छपे एक लेख पर शिकायत दर्ज कर बाल ठाकरे पर मानहानि का दावा लगाया था, लेकिन आज भुजबल ने बाल ठाकरे की उम्र का हवाला देते हुए मुकदमा वापस ले लिया है।
सूत्रों के अनुसार भुजबल कोर्ट में मुकदमा वापस लेने की अर्जी देकर स‍ीधे ठाकरे के निवास 'मातोश्री' पर पहुँचे, जहाँ उन्‍होंने ठाकरे से मुलाकात की। अटकलें लगाई जा रही हैं कि भुजबल की शि‍वसेना में वापसी हो सकती है।

Oct 2, 2008

वायु सेना ने किया अब और पृथ्वी मिसाइलें लेने से साफ इंकार

नयी दिल्ली, २ अक्टूबर- रक्षा अनुसंधान और विकास संगठन को करारा झटका देते हुए भारतीय वायु सेना ने परमाणु हथियार ले जाने में सक्षम पृथ्वी २ मिसाइलों के बाकी स्क्वेड्रन लेने से साफ इंकार कर दिया है । वायु सेना ने इस मिसाइल की निशाने पर वार करने की सटीकता दर पर सवाल उठाने के अलावा इसे सेना के पाले में धकेलने के लिए सरकार से कहा है कि यह मिसाइल सतह से सतह पर मार करती है लिहाजा यह जमीनी सुरक्षा के लिए ही ठीक है । वायु सेना का कहना है कि यह मिसाइल एकीकृत सेना मुख्यालय के लिए ठीक रहेगी ।
वायुसेना के उच्च पदस्थ सूत्रों ने इसकी पुष्टि करते हुए कहा कि रक्षा मंत्रालय को इस फैसले से अवगत करा दिया गया १ वायु सेना में पृथ्वी २ मिसाइलों के दो स्क्वेड्रन शामिल किए जा चुके है । इन मिसाइलों को राष्ट्रीय राजधानी के आकाश की रक्षा के लिए पिछले साल ही हिंडन में तैनात किया गया था ।
डीआरडीओ के लिए यह इस साल दूसरा बडा झटका लगा है । इससे पहले सेना ने उसके मुख्य युद्धक टैंक अर्जुन की बाकी खेप लेने से इंकार किया था । करीब साढे तीन दशक से चल रही इस परियोजना पर हजारों करोड रुपये खर्च के बाद सेना की मैकेनाइज्ड फोर्स ने कुछ महीने पहले ही कहा कि उसने १२४ अर्जुन टैंको का जो आर्डर कर दिया अब उसे आगे नही बढाया जाएगा । मामले के तूल पकडने पर राजनीतिक नेतृत्व को बीच में आना पडा था और भारी दबाव के बीच सेना ने संकेत दिया कि वह आगे भी इन टैंकों के आर्डर देगी ।
सूत्रों के अनुसार पृथ्वी २ बाकी स्क्वेड्रन वायु सेना द्वारा स्वीकार करने के लिए रक्षा मंत्रालय भी दबाव डालने को तैयार नही है । समझा जाता है कि खुद रक्षा मंत्रालय भी दबाव डालने को तैयार नहीं है । समझा जाता है कि खुद रखा मंत्रालय ने ही डीआरडीओ को वायु सेना की भावना से अवगत कराते हुए कहा है कि हैदराबाद में पृथ्वी २ का तीसरा स्क्वेड्रन गठित करने का काम रोक दिया जाए । हिंडन में एक स्क्वेड्रने पूरा गठित हो चुका है जबकि स्क्वेड्रन अभी इसी एयरबेस पर आधा अधूरा है ।
वायु सेना के सूत्रों ने कहा कि अब पृथ्वी २ के स्थान पर आकाश मिसाइलों को शामिल करने की प्रक्रिया चल रही है । इस मिसाइल प्रणाली के अनेक सिस्टम लगाए जा चुके है और नेटवर्किंग का काम चल रहा है । इसके अलावा इजरालय से स्पाइडर मिसाइले हासिल करने की प्रक्रिया तेज की गयी है जो एयर डिफेंस के लिए बेजोड बतायी जा रही है । सच तो यह है कि प्रक्रिया को आगे बढाने के लिए पिछले सप्ताह ही वायु सेना उप प्रमुख एयर मार्शल एन के ब्राउनी ने इजरायल की यात्रा की जो खरीदारी मामले देख रहे हैं ।
एकीकृत मिसाइल कार्यक्रम की पृथ्वी २ मिसाइल के लिए वायु सेना के दरवाजे बंद होना देश के मिसाइल कार्यक्रम की प्रतिष्ठा को गहरा धक्का माना जा रहा है । सेना ने भी काफी नानुकर के बाद पृथ्वी को अपने शस्त्रागार में शामिल किया था । ढाई किलोमीटर तक मार करने वाली तरल ईंधन वाली इस मिसाइल को डीआरडीओ ने अपने मुकुट मणि के रुप में पेश किया था । समझा जाता है कि करीब ७० मिसाइलें आपरेशन में है और हर साल १० से लेकर ३० पृथ्वी मिसाइलों के उत्पादन की योजना । वायु सेना के इंकार के बाद अब यह योजना भी धरी रह जाएगी ।

आज सारा देश दे रहा है बापू को श्रद्धांजलि

नई दिल्ली, २ ऑक्टोबर- राष्ट्रपिता महात्मा गांधी की 139वीं जयंती पर बृहस्पतिवार को सैकड़ों लोगों ने राजघाट में उनकी समाधि पर जाकर भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
राष्ट्रपति प्रतिभा देवीसिंह पाटिल और प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने राजघाट जाकर बापू को श्रद्धांजलि दी। कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी, गृह मंत्री शिवराज पाटिल, रक्षा मंत्री ए. के. एंटनी और विपक्ष के नेता लाल कृष्ण आडवाणी ने भी बापू की समाधि पर श्रद्धा सुमन अर्पित किए । हिंदू, सिख ,जैन, बौद्ध, बहाई, ईसाई, इस्लाम, यहूदी और पारसी समुदायों के प्रतिनिधियों ने भी राजघाट में प्रार्थना सभा में हिस्सा लिया। गांधी जयंती के अवसर पर बापू की समाधि पर श्रद्धा सुमन अर्पित करने वालों की भारी भीड़ रही।
स्कूली बच्चे भी यहां पहुंचे थे। बापू की सीख युवाओं तक पहुंचाने के लिए गांधी स्मृति और गांधी संग्राहलय जैसे प्रतिष्ठान कई कार्यक्रम आयोजित कर रहे है। सांप्रदायिक हिंसा और ईसाई समुदाय के लोगों पर ¨हिंसा के विरोध में जंतर-मंतर से लेकर राजघाट तक शांति मार्च का भी आयोजन किया गया।

Oct 1, 2008

परमाणु करार पर लगी अमरीकी कांग्रेस की मुहर

वाशिंगटन, २ अक्टूबर- अमरीकी कांग्रेस द्वारा भारत।अमरीका असैन्य परमाणु करार पर बुधवार रात को मुहर लगाने के साथ ही भारत के साथ अमरीकी परमाणु व्यापार पर करीब तीन दशक से लगी पाबंदी खत्म हो गयी है ।
अमरीकी संसद के उच्च सदन सीनेट ने १३ के मुकाबले ८६ मतों से पारित कर हस्ताक्षर के लिए राष्ट्रपति जार्ज बुश के पास भेज दिया । सीनेट ने यह कदम अमरीकी विदेशमंत्री कोंडोलीजा राइस के इस हफ्ते भारत के संभावित दौरे से पहले उठाया है ।
श्री बुश की विदेश नीति की शीर्ष प्राथमिकताओं में से एक इस करार को अमरीकी संसद के निचले सदन प्रतिनिधि सभा ने पहले ही पारित कर दिया है । बुश प्रशासन का मानना है कि भारत-अमरीका असैन्य परमाणु करार को अमलीजामा पहनाने के बाद भारत की ऊर्जा जरुरतें पूरी होने के साथ अरबों रुपये का परमाणु बाजार खुल जाएगा ।
हालांकि कुछ आलोचकों का कहना है कि भारत को परमाणु ईंधन और तकनीक आयात करने की छूट दिए जाने के बाद परमाणु हथियारों के प्रसार पर रोक लगाने के प्रयासों को नुकसान पहुंचेगा क्योंकि उसने परमाणु अप्रसार संधि पर हस्ताक्षर नहीं करने के बाद भी परमाणु परीक्षण किए हैं ।