Sep 3, 2008

बुश के अमेरिकी कांग्रेस को गुप्त पत्र से भारत में राजनीतिक तूफान

नई दिल्ली/वाशिंगटन, ४ सितम्बर- अमरीकी राष्ट्रपति जार्ज डब्ल्यू बुश के अमरीकी कांग्रेस को लिखे गये गोपनीय पत्र को लेकर भारत में राजनीतिक तूफान आ गया है तथा परमाणु सामग्री आपूर्तिकर्ता देश समूह एनएसजी की महत्वपूर्ण बैठक से ठीक पहले परमाणु समझौते पर भी सवालिया निशान लग गया है।
अमरीकी समाचार पत्र वाशिंगटन पोस्ट ने अपने विशेष संस्करण में बुश द्वारा अमरीकी कांग्रेस को लिखे गये पत्र का ब्यौरा उजागर किया है इस पत्र में बुश ने साफ किया है कि परमाणु परीक्षण करने की हालत में समझौता तुरंत रद्द हो जायेगा।
बुश ने संभवतः गत जनवरी में लिखे इस पत्र में अमरीकी सांसदों को बताया था कि भारत को परमाणु ईंधन का सुरक्षित भंडार बनाने की अनुमति बिना शर्त नहीं दी गयी है तथा समझौते के तहत अमरीका भारत को अत्याधुनिक परमाणु तकनीकी हस्तांतरित नहीं करेगा।
बुश के पत्र के इस रहस्योद्घाटन से भारत में राजनीतिक तूफान खड़ा हो गया है तथा परमाणु समझौते का विरोध कर रहे वामपंथी दलों और भाजपा ने सरकार पर देश को धोखे में रखने और झूठ बोलने का आरोप लगाते हुये समझौते को खारिज करने की मांग की है।
इस बीच विदेश मंत्री प्रणब मुखर्जी ने स्पष्ट किया है कि बुश का पत्र अमरीका का आंतरिक मामला है। सरकार केवल भारत अमरीका के बीच हुये द्विपक्षीय १२३ समझौते से बंधी है।
मुखर्जी ने कहा कि दूसरे देश की सरकार के विभिन्न अंगों के बीच हुये पत्राचार पर हम प्रतिक्रिया व्यक्त नहीं करते।

मुंबई के घर-घर में विराजे गणपति

मुंबई, 3 सितंबर-मुंबई समेत देश के अन्य हिस्सों में में 10 दिनों तक चलने वाले गणेश उत्सव के पहले दिन बुधवार को गणपति का धूमधाम से जबर्दस्त स्वागत किया गया।
विघ्नहर्ता गणेश की प्रतिमा की स्थापना के साथ ही मुंबई का आकाश 'गणपति बप्पा मोरिया, मंगलमूर्ति मोरिया' के उद्घोष से गूँज उठा।
गणेश की भीमकाय प्रतिमा को बीती रात कलात्मक रूप से सुसज्जित मंडप में लाया गया और भक्तों ने अपने घरों में पवित्र स्थान पर समृद्धि के लिए गणराज की प्रतिमा की स्थापना कर उनका स्वागत किया। प्रार्थना के बाद भगवान के प्रिय भोग 'मोदक' का प्रसाद के रूप में वितरण किया गया।
समाज के सभी तबके के लोगों को आपस में जोड़ने के उद्देश्य से सार्वजनिक उत्सव के रूप में गणेश उत्सव को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान शुरू किया था। बाद में यह न केवल महाराष्ट्र में बल्कि पूरे भारत में व्यापक रूप मनाया जाने लगा।
गणेश की प्रतिमा की स्थापना के साथ ही मुंबई का आकाश 'गणपति बप्पा मोरिया, मंगलमूर्ति मोरिया' के उद्घोष से गूँज उठा।गणेश की भीमकाय प्रतिमा को बीती रात कलात्मक रूप से सुसज्जित मंडप में लाया गया और भक्तों ने अपने घरों में पवित्र स्थान पर समृद्धि के लिए गणराज की प्रतिमा की स्थापना कर उनका स्वागत किया। प्रार्थना के बाद भगवान के प्रिय भोग 'मोदक' का प्रसाद के रूप में वितरण किया गया।समाज के सभी तबके के लोगों को आपस में जोड़ने के उद्देश्य से सार्वजनिक उत्सव के रूप में गणेश उत्सव को लोकमान्य बाल गंगाधर तिलक ने स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान शुरू किया था। बाद में यह न केवल महाराष्ट्र में बल्कि पूरे भारत में व्यापक रूप मनाया जाने लगा।सबसे प्रसिद्ध गणेश मंडल 'लालबाघुचा राजा' (लालबाग का राजा) है। इस साल यह अपनी प्लेटिनम जुबली मना रहा है। वहीं दूसरी ओर मध्य मुंबई के किंग सर्किल में जीएसबी सेवा मंडल के गणेश भगवान महानगर में सबसे धनी माने जाते हैं। उन्हें आठ करोड़ रुपए मूल्य के 44 किलो सोने के आभूषण और 140 किलो चाँदी के आभूषण चढ़ाए जाते हैं।
यह मंडल पिछले 54 सालों से गणेशोत्सव आयोजित कर रहा है। गणेश भगवान के मंच तक पहुँचने के लिए हवा में 500 फुट लंबा और पाँच फुट चौड़ा रास्ता बनाया जा रहा है।
मुख्यमंत्री विलासराव देशमुख, केंद्रीय ऊर्जा मंत्री सुशील कुमार शिंदे, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मनोहर जोशी, स्वर साम्राज्ञी लता मंगेशकर और अभिनेता जितेन्द्र, सलमान खान ने उत्सव के दौरान अपने घरों में गणेश भगवान की प्रतिमाएँ स्थापित की हैं।
इसके अलावा लोक निर्माण मंत्री छगन भुजबल मध्य मुंबई के मजगाँव में अपने अंजीरवाड़ी गणेशोत्सव मंडल की हीरक जयंती मना रहे हैं। चेंबूर स्थित आरके स्टूडियो में राजकपूर के परिवार द्वारा पारंपरिक रूप से गणेशोत्सव मनाया जाता है। इस बीच मुंबई में सुरक्षा कड़ी कर दी गई है।

पत्रकार महेश शर्मा के हत्यारों की नाटकीय गिरफ्तारी

आगरा, ३ सितम्बर- पत्रकार महेश शर्मा हत्याकांड के दोनों मुख्य अभियुक्तों के मामले में भी पुलिस नहीं चूकी। उसने नाटकीय ढंग से गिरफ्तारी दिखा दी। इसके बाद दोनों हत्यारों को यमुना पार स्थित एत्माद्दौला थाने लाया गया। वहां कई घंटे उनकी वीआईपी की तरह 'मेहमाननवाजी' की गयी। इसके बाद अदालत खुलने से पहले ही वज्र वाहन में बैठाकर दीवानी पहुंचा दिया। पुलिस के खेल का खुलासा होते ही लोग भड़क उठे। दीवानी में वकीलों और पत्रकारों ने पुलिस के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। छत्ता क्षेत्र में पब्लिक सड़कों पर उतर आई। बाजार बंद करा दिए। पुलिस के इस तरीके पर शहर के सामाजिक और राजनीतिक संगठनों ने तीखा विरोध जताया है।
उल्लेखनीय है कि पांच दिन पहले सांध्य समाचार पत्र के पत्रकार महेश शर्मा को संजय प्लेस में चाकुओं से गोदकर दिनदहाड़े मार डाला था। पुलिस ने फरार हत्यारे विनय और अमित शर्मा के खिलाफ १० हजार रुपए का इनाम घोषित कर तलाश शुरू की। मंगलवार सुबह छह बजे हत्यारों के एत्माद्दौला थाने में बैठे होने की खबर पूरे शहर में फैल गई। एसपी सिटी डा। बीपी अशोक ने बताया कि हत्यारों को मुम्बई से गिरफ्तार कर तड़के लाया गया है। हत्यारों की गिरफ्तारी की सूचना फैलते ही लोग एत्माद्दौला थाने पहुंचने लगे। सुबह लगभग नौ बजे कई थानों की फोर्स और पुलिस अधिकारियों के साथ एसएसपी रघुबीर लाल वज्र वाहन में हत्यारों को दीवानी लेकर पहुंचे। गाड़ी में बेखौफ हेलमेट पहनकर बैठे हत्यारों के चेहरों पर शिकन तक नहीं थी। इसकी भनक मिलते ही दीवानी में अधिवक्ता और पत्रकार जुटने शुरू हो गए। जैसे-जैसे पुलिस की नाटकीय तरीके से गिरफ्तारी का सच सामने आया, वैसे-वैसे विरोध जोर पकड़ता गया। अधिवक्ता-पत्रकारों के साथ पुलिस की जमकर धक्कामुक्की हुई। कोर्ट खुलते ही दोनों हत्यारों को रिमांड के लिए कोर्ट में पेश किया। वहां से काफी मशक्कत के बाद पुलिस हत्यारों को जेल भेज पाई।
उधर पुलिस की 'करतूत' का खुलासा होने पर कचहरी घाट में हंगामा शुरू हो गया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए लोग सड़क पर उतर आए। बाजार बंद करा दिए। पब्लिक का गुस्सा हत्यारे विनय शर्मा की जिस्म पर उतरा। गिरफ्तारी के सम्बन्ध में एत्माद्दौला एसओ एनपी सिंह का कहना है कि उन्हें सुबह चार बजे मुखबिर से सूचना मिली कि दोनों हत्यारे रामबाग चौराहे पर पेट्रोल पम्प के पास खड़े हैं। पुलिस टीम ने उन्हें जाकर गिरफ्तार कर लिया। उनके पास से कोई सामान बरामद नहीं हुआ। कोर्ट ने दोनों हत्यारोपियों को पंद्रह दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है।

Sep 2, 2008

असम में बाढ़ का प्रकोप १० लाख लोग प्रभावित

गुवाहाटी, २ सितम्बर- असम में मंगलवार को भी बाढ़ से स्थिति गंभीर बनी हुई है। राज्य में बाढ़ से लगभग १० लाख लोग प्रभावित हुए है। वहीं सरकारी आंकड़ों के अनुसार बाढ़ की चपेट में आने से १५ लोगों की मौत हो चुकी है।
सेना के जवान बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने में जुटे हुए है। राज्य के राहत और पुनर्वास मंत्री भूमिधर बर्मन ने बताया कि राज्य के २७ जिलों में से १६ जिले बाढ़ से प्रभावित है।
बर्मन ने कहा कि लगभग १० लाख लोग बाढ़ के कारण बेघर हो गए और १५ की मौत हो गई है। मंगलवार को बाढ़ के संबंध में राज्य सरकार द्वारा जारी एक बयान में कहा गया है कि १,३४६ गांव बाढ़ की चपेट में आए है।
बयान के अनुसार २,६९,६०९ हेक्टेयर भूमि बाढ़ से प्रभावित हुई है। बर्मन ने कहा कि कामरूप, लखीमपुर, धेमाजी और मोरीगांव जिले बाढ़ से सबसे अधिक प्रभावित हुए है। ब्रह्मापुत्र नदी राज्य में कम से कम १२ स्थानों पर खतरे के निशान से ऊपर बह रही है। मौसम विभाग ने आने वाले दिनों में राज्य में और अधिक बारिश होने की आशंका व्यक्त की है।

नवनेथम बनीं संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त

संयुक्त राष्ट्र, २ अगस्त- भारतीय मूल की दक्षिण अफ्रीकी न्यायविद् नवनेथम पिल्लै ने संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायोग के मुखिया का कामकाज संभाल लिया है।
पिल्लै को संयुक्त राष्ट्र महासभा द्वारा महासचिव बान की मून की सिफारिश पर जुलाई में नया मानवाधिकार उच्चायुक्त चुना गया था। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायोग १९९३ में गठित किया गया था। पिल्लै पांचवीं उच्चायुक्त हैं। पिल्लै के पिता एक तमिल बस ड्राइवर थे। उनका जन्म १९४१ में डरबन शहर में हुआ था। वह २००३ में नीदरलैंड्स के हेग स्थित अंतर्राष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण की जज एवं अध्यक्ष रहीं।
१९६७ में दक्षिण अफ्रीका के नाटाल प्रांत में मानवाधिकार मामलों के वकील के रूप में कैरियर शुरू करने वाली पिल्लै १९९५ दक्षिण अफ्रीकी हाईकोर्ट की प्रथम अश्वेत महिला जज बनीं। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार उच्चायुक्त पद की होड़ में पाकिस्तान की हिना जलानी भी शामिल थीं। लेकिन उन्हें आवश्यक समर्थन नहीं मिल पाया।

बंदरों को उत्‍पीड़क प्राणी का दर्जा

देहरादून, 2 सितम्‍बर- गली-मुहल्‍लों की छतों पर कूदते-फांदते बंदर जो कभी घरों में घुस कर खाने का सामान उठा ले जाते हैं और जरा सी छेड़खानी पर किसी को भी काटने दौड़ पड़ते हैं।
जंगलों को छोड़ कर शहर के गली मोहल्लों और मंदिरों को अपना ठिकाना बनाने वाले बंदर जल्‍द ही उत्‍पीड़क प्राणी की श्रेणी में गिना जाएगा। उत्तराखंड में बंदर को अब उत्पीड़क प्राणी घोषित करने की तैयारी चल रही है।
उत्‍तराखण्‍ड में बंदरों के उत्पात की खबरें पहले भी कई शहरों से आती रही हैं, लेकिन अब जंगल कट जाने के कारण वन्य बहुल उत्तराखंड में भी अब बंदर जंगलवासी की बजाय शहरी कहलाना पसंद कर रहे हैं।
बाजार, दुकान, स्कूल, मंदिर, आवासीय कालोनियों यानी सभी जगहों पर बंदरों की ढिठाई और उपद्रव बढ़ता जा रहा है। प्रदेश में धार्मिक स्थलों की बहुलता के चलते बंदरों को खाने-पीने की भी कोई कमी नहीं है।
वन विभाग के सूत्रों की मानें तो इससे निपटने के लिए राज्य वन्य जीव बोर्ड में बंदरों को उत्पीड़क प्राणी घोषित करने की तैयारी की जा रही है। यदि बंदर को उत्‍पीड़क प्राणी घोषित कर दिया गया, तो उसके बाद इन्हें पकड़कर जंगलों में खदेड़ने के लिए कठोर कदम उठाए जाएंगे।

Sep 1, 2008

डी. सुब्बाराव होंगे आरबीआई के अगले गवर्नर

नई दिल्ली। भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के नए गर्वनर के नाम का आज ऎलान कर दिया गया है। डी. सुब्बाराव आरबीआईके २२ वें गर्वनर होंगे।
फिलहाल सुब्बाराव वित्त सचिव हैं। सुब्बाराव आरबीआईके मौजूदा गर्वनर वाई वी रेड्डी की जगह लेंगे। रेड्डी ने सितंबर २००३ में गवर्नर का कार्यभार संभाला था।