Jul 24, 2008

राजकुमार संतोषी को अंडरवल्ड के लकडावाला की धमकी

मुंबई, २४ जुलाई- फिल्मकार राजकुमार संतोषी को एजाज लकड़ावाला गिरोह से धमकियां मिली हैं। फ़िल्म निर्देशक राजकुमार संतोषी ने जुहू पुलिस थाने में इस आशय की शिकायत दर्ज कराई है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष लखनऊ में लकड़ावाला गिरोह के एक सदस्य ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस को बताया था कि गिरोह ने उसे संतोषी और एक पा‌र्श्वगायक की हत्या का कार्य सौंपा था क्योंकि इन लोगों ने गिरोह को हफ्ता देने से मना कर दिया था।
मुंबई फ़िल्म इंडस्ट्री हमेशा हफ्ता वसूली के लिए अंडरव‌र्ल्ड के निशाने पर रहा है। पिछले कुछ वर्षो में खासकर महाराष्ट्र संगठित अपराध नियंत्रण कानून के लागू होने के बाद पुलिस दावा करती रही है कि विभिन्न गिरोहों के काफी गुंडों को गिरफ्तार किया गया है और बालीवुड पर अंडरव‌र्ल्ड का शिकंजा ढीला पड़ गया है।

रामसेतु पर केन्द्र सरकार बैक फूट पर

नई दिल्ली, २४ जुलाई- रामसेतु पर सरकार ने अपना रुख बदलते हुए कहा है कि सेतु समुंद्रम योजना का मार्ग बदला जा सकता है। सरकार ने कहा है इस मामले में एक ऐसा हल खोजने के प्रयास किए होंगे जो सभी लोंगो को मान्य हो। गौरतलब है कि कल सरकार ने सुप्रीमकोर्ट में एक हलफनामा देकर कहा था कि रामसेतु को खुद भगवान राम ने तोड़ा था और सेतुसमुंद्रम परियोजना का मार्ग बदलने की आवश्यकता नहीं हैं।
सरकार अगर रामसेतु को तोड़ने का फैसला बदल लेती है और परियोजना के लिए नए मार्ग तलाश करती है तो इससे न केवल करोड़ो हिन्दुओं की भावनाओं की रक्षा होगी बल्कि जीवमंडल को भी बड़ा फायदा होगा। गौरतलब है कि वैज्ञानिक समुदाय ने भी रामसेतु से छेड़छाड़ होने पर गंभीर खतरे की तरफ आंशका प्रकट की थी।

आंतरिक सुरक्षा मामले को लेकर केंद्रीय गृह मंत्रालय हुआ सक्रिय

नई दिल्ली, २४ जुलाई- सरकार द्वारा विश्वासमत प्राप्त करते ही आंतरिक सुरक्षा के मुद्दे पर केंद्र सरकार दोहरे मोर्चे पर सक्रिय हो गई है। आंतरिक सुरक्षा के लिए दो सबसे बड़ी चुनौती नक्सलवाद और उत्तर-पूर्व राज्य के उग्रवाद की समस्या के समाधान के प्रयास के साथ ही आतंकवाद व सांप्रदायिक दंगे के पीड़ितों के जख्मों के लिए भी राहत का मरहम जुटाना शुरू कर दिया है।
राजनीतिक अनिश्चितता के दौरान बिल्कुल शांत पड़ा रहा गृह मंत्रालय का नार्थ ब्लाक स्थित कार्यालय बृहस्पतिवार को काफी व्यस्त था। उत्तर-पूर्व और खास तौर से असम में उग्रवादी घटनाओं के सिर उठाने से चिंतित गृह मंत्रालय ने उच्चस्तरीय बैठक कर स्थिति की समीक्षा की। बैठक में असम के मुख्य सचिव, पुलिस महानिदेशक, विशेष सचिव (आंतरिक सुरक्षा) और सीआरपीएफ व बीएसएफ के अलावा सेना व रक्षा मंत्रालय के आला अफसर भी मौजूद थे।
बैठक में मुख्य रूप से उल्फा के कुछ काडरों की तरफ से संघर्ष विराम तोड़े जाने और बोडो इलाके में हुई हिंसा के मुद्दे पर मुख्य रूप से चर्चा हुई। अधिकारी इस समस्या का समाधान निकालने का रास्ता तलाशने की कोशिश में लगे रहे और इस क्रम में एक समग्र रणनीति के तहत कुछ कदम उठाने की योजना भी बनाई गई। इसके साथ ही उत्तरी कछार जिले में चल रही बुनियादी ढांचे मसलन रेलवे लाइन आदि की सुरक्षा के संबंध में भी चर्चा हुई।
वही गृह मंत्रालय ने गुरुवार को ही आतंकवाद व दंगा पीड़ितों को सरकारी सहायता प्रदान करने के लिए दिशा-निर्देश भी जारी किए। इन्हें सभी राज्य सरकारों व केंद्रशासित राज्यों को भेज दिया गया है। इस योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने इसी वर्ष मार्च में अनुमोदन दिया था। इस योजना के तहत परिवार के मुखिया के मारे जाने या उसके पूरी तरह विकलांग होने की स्थिति में आश्रित को तीन लाख रुपये देने का प्रावधान है। यह राशि परिवार के एक या संयुक्त परिजनों के नाम स्थायी जमा योजना के तहत बैंक में भेज दी जाएगी। यह राशि त्रैमासिक रूप से ब्याज समेत आश्रित को मिल सकेगी।

सांसद चंद्रभान सिंह के आवास पर तोड़-फोड़

नई दिल्ली, २४ जुलाई भारतीय जनता पार्टी के बर्खास्त सांसद चंद्रभान सिंह के आवास पर गुरुवार को कथित तौर पर बीजेपी से जुड़े कुछ लोगो नें तोड़-फोड़ की गौर तलब है कि विश्वास प्रस्ताव पर मतदान के दौरान सिंह नें पार्टी व्हिप का उल्लंघन करते हुए केंद्र सरकार के पक्ष में मतदान किया था।
सूत्रों ने बताया कि लगभग १०० लोगों ने सिंह के नॉर्थ एवेन्यू स्थित सरकारी आवास पर गुरूवार सुबह ११ बजे तोड़ फोड़ की। घटना के दौरान सांसद अपने आवास पर ही मौजूद थे। चंद्रभान सिंह मध्य प्रदेश के दमोह लोक सभा निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करते हैं।
बीजेपी अध्यक्ष राजनाथ सिंह और वरिष्ठ नेता लाल कृष्ण आडवाणी के पक्ष में नारे लगाते कार्यकर्ताओं ने सांसद के आवास की खिड़कियों तथा गमलों को तोड़ दिया। इसके अलावा ये लोग उनकी बैठक में भी प्रवेश कर गए और वहां भी तोड़ फोड़ मचाई। कुछ पुलिसकर्मियों ने मौके पर पहुंच कर इन लोगों को बल पूर्वक वहां से भगाया। इस घटना में न तो सांसद और न ही उनके परिजन घायल हुए हैं।

वामपंथी बसपा एवं यूएनपीए छेड़ेंगे संप्रग के खिलाफ राष्ट्रव्यापी अभियान

नयी दिल्ली २४ जुलाई- वाम पार्टियां यूएनपीए और बहुजन समाज पार्टी ने लोकसभा में विश्वासमत प्रस्ताव पर मनमोहन सरकार की जीत को अनैतिर्कं करार देते हुए आज कहा कि वे परमाणु करार मूल्यवृद्धि और कृषि संकट पर एक राष्ट्रव्यापी अभियान छेड़ेंगे।
वाम पार्टियों तेलुगू देशम पार्टी टीआरएस रालोद और जनता दल समेत अनेक पार्टियों की बैठक के बाद बसपा प्रमुख एवं उत्तर प्रदेश की मुख्यमंत्री मायावती ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन में कहा कल जो कुछ हुआ उसके लिए शायद संप्रग सरकार अपनी पीठ खुद ही ठोक रही होगी। लेकिन लोकतंत्र के लिए यह हार है ।
माकपा महासचिव प्रकाश करात ने कहा कि संप्रग सरकार भले ही कल लोकसभा में मत जीत लिया लेकिन उसने राष्ट्र का विश्वास खो दिया है ।
करात ने कहा मनमोहन सरकार ने अपना नैतिक प्राधिकार खो दिया है। बैठक में मौजूद तमाम राजनीतिक दलों ने लोगों के आवश्यक मुद्दों पर एक राष्ट्रीय स्तर का अभियान छेड़ने का फैसला किया है ।

साहस की पर्याय है राहुल गांधी की नजीर 'कलावती'

नागपुर, २४ जुलाई- कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को अपने भाषण में विदर्भ की जिस कलावती बंडरकर का जिक्र किया उसे कठिन समय का सामना करना पड़ रहा है। क्योंकि उसके जलका गांव को केवल आधे दिन बिजली मिलती है।
कलावती घोर गरीबी में जीवन यापन करती है और अपने घर में बिजली का कनेक्शन लगवाने की नहीं सोच सकती। इस महिला के बारे में राहुल गांधी ने लोकसभा में विश्वास प्रस्ताव के दौरान बात की।
हालांकि कलावती का दुखद जीवन की कहानी यह साहस और अनुशासन की कथा भी है। सात पुत्रियों और दो पुत्रों के परिवार वाली महिला ने यहां से करीब १२० किलोमीटर दूर यवतमाल जिले के जलका गांव में दिसंबर २००५ में अपने पति की मौत के बाद उम्मीद नहीं छोड़ी। विदर्भ जनांदोलन समिति एक गैर सरकारी संगठन है। जिसने विदर्भ क्षेत्र विशेष तौर पर यवतमाल में कर्ज के बोझ से दबे किसानों की सामूहिक आत्महत्या के बाद सामाजिक कार्य का बीड़ा उठाया है।
समिति के अध्यक्ष किशोर तिवारी ने बुधवार को कहा कि उनके संगठन ने दो भैंस और उसके बच्चों की शिक्षा में सहायता उपलब्ध करा कर कलावती की ओर मदद का हाथ बढ़ाया। नौ एकड़ जमीन की मालकिन कलावती ने पारंपरिक कृषि में अच्छा काम किया और काली मिट्टी में कपास तथा सोयाबीन की पारंपरिक खेती से नजीर पेश की। मुंबई के एक मराठी दैनिक ने अपने पाठकों से कुछ धन जुटाया है और दिल्ली के एक सामाजिक कार्यकर्ता नियमित तौर पर उसे वित्तीय मदद उपलब्ध कराते हैं, ताकि वह संकट से उबर सके। अपने पति की मृत्यु के बाद कलावती ने न सिर्फ अपनी पुत्रियों का विवाह किया, बल्कि अपने बच्चों की देखभाल भी कर रही है।
गांधी ने जब विदर्भ क्षेत्र का दौरा करने का फैसला किया, तो अधिकारियों के एक दल ने जलका को भी चुना। इस क्षेत्र में किसानों की आत्महत्याओं की कई घटनाएं हुई हैं। गर्मी और उमस से भरी उस सुबह जब उनके मोटर वाहनों का काफिला छोटी झोपड़ी के सामने रुका तो कलावती कांग्रेस के युवा नेता को पहचान नहीं सकी। किसी ने उसके कान में कहा कि हाराहुल गांधी आहे इंदिरा गांधीचा नातू (वह राहुल गांधी हैं इंदिरा गांधी के पौत्र)। इसके बाद कलावती ने तत्काल युवा नेता का हाथ जोड़कर स्वागत किया। गांधी उसकी और देश में उसकी जैसी सैकड़ों महिलाओं की दुर्दशा से द्रवित हो गए। मंगलवार के भाषण ने उन्होंने इसीलिए परमाणु ऊर्जा की जरूरत पर बल दिया, ताकि हर शहर और गांव को चौबीसों घंटे बिजली मिल सके।
कांग्रेस नेता ने भारत अमेरिका समझौते का समर्थन किया जिसके बारे में विशेषज्ञों का कहना है कि इससे भारत को बिजली की कमी दूर करने में मदद मिलेगी, लेकिन कलावती के घर में बिजली नहीं है।

Jul 23, 2008

बागी अकाली सांसद सुखदेव सिंह लिब्रा निष्कासित

चंडीगड़, २४ जुलाई-पंजाब में सत्तारूढ़ अकाली दल ने लोकसभा में विश्वासमत के दौरान पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने वाले सांसद सुखदेव सिंह लिब्रा को पार्टी से निष्कासित कर दिया है।
रोपड़ से सांसद लिब्रा को अकाली दल के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने निष्कासित किया। मंगलवार को विश्वासमत के दौरान अकाली दल ने पार्टी के आठों सांसदों को संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के खिलाफ मत डालने के लिए व्हिप जारी किया था, लेकिन इसके बावजूद विश्वासमत के दौरान लिब्रा अनुपस्थित रहे।
अकाली दल के सचिव दलजीत सिंह चीमा ने लिब्रा के बारे में कहा, "उन्होंने अकाली दल को धोखा दिया है।" माना जा रहा है कि बृहस्पतिवार को लिब्रा को नोटिस भेजा जाएगा, ताकि उनकी लोकसभा सदस्यता समाप्त की जा सके।