Jul 21, 2008

अगाथा संगमा नें भी किया परमाणु करार का समर्थन

नयी दिल्ली, २१ जुलाई- लोकसभा में आज शपथ लेने वालीं सदन में सबसे कम उम्र की सांसद अगाथा संगमा ने कहा कि वह भारत-अमेरिका परमाणु करार के ब्यौरे से पूरी तरह अवगत नहीं हैं लेकिन इसके बावजूद वह करार का समर्थन करेंगी।
लोकसभा के पूर्व अध्यक्ष और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी के नेता पी ए संगमा की २७ वर्षीय पुत्री अगाथा संगमा ने ‘ एक न्यूज़ चैनल' से कहा कि मैं करार के घटकों के बारे में नहीं जानती लेकिन मैं शिद्दत से करार का समर्थन करती हूं।
इस बारे में पूछे जाने पर कि कांग्रेस सांसद राहुल गांधी और अन्य युवा सांसद करार का समर्थन कर रहे हैं उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि राहुल संभवत: सही हैं। मैं भी करार का समर्थन करती हूं।

सरकार गिरने से परमाणु करार पर असर नहीं : अमरीका

वाशिंगटन, २१ जुलाई । संसद में २२ जुलाई को प्रस्तावित विश्वास मत से पहले आज अमरीका ने साफ कर दिया है कि परमाणु समझौते को हर हाल में पूरा किया जाएगा। अमरीका के सहायक विदेश सचिव रिचर्ड बाउचर के अनुसार, विश्वास मत के दौरान फैसला संप्रग सरकार के हक में जाता है अथवा विरोध में, इससे बुश प्रशासन को कोई फर्क नहीं पड़ता। उन्होंने कहा, यदि सरकार विश्वास प्रस्ताव हार जाती है, तब भी करार का क्रियान्वयन किया जाएगा।
रिचर्ड बाउचर ने जोर देकर कहा, भारत में राजनीतिक बदलाव का परमाणु करार पर कोई असर नहीं पड़ेगा और अमरीका अल्पमत सरकार के साथ भी करार को लेकर आगे बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सभी अल्पमत सरकारें एक सी होती हैं और सरकार के गिरने के बावजूद करार को अधर में नहीं छोड़ा जाएगा।
लोकसभा में संप्रग सरकार के गिर जाने की स्थिति में करार के भविष्य के बारे में पूछे जाने पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए रिचर्ड ने कहा कि सरकार गिरे अथवा सत्ता में रहे, इससे परमाणु समझौते को कोई फर्क नहीं पड़ता। अमरीका भारत के किसी भी गठबंधन सरकार के साथ समझौते पर आगे बढ़ने को तैयार है। उन्होंने कहा कि अमरीका ने परमाणु करार भारत सरकार के साथ किया है। भारत में किसी भी पार्टी का शासन रहे, इससे करार पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

बलात्कार के मामले में नेता गिरफ्तार

ठाणे, २१ जुलाई- एक नाबालिग के साथ बलात्कार करने के मामले में फरार रहे चंद्रकांत दांडेकर और सुनंदा जोशी धारीया को पालघर पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार चंद्रकांत दांडेकर एनसीपी का स्थानीय लीडर है और सुनंदा पीड़ित नाबलिग की मौसी बताई गई है।
गत मई माह में पालघर पुलिस स्टेशन में नाबालिग पर चंद्रकांत दांडेकर (५५) द्वारा किए जा रहे अत्याचार के खिलाफ उसे रिश्तेदारों ने मामला दर्ज कराया था। सूत्रों के मुताबिक चंद्रकांत दांडेकर अपने रुतबे के चलते नवम्बर २००४ से ही नाबालिग के साथ बलात्कार करता आ रहा था। दांडेकर के इस काम में नाबालिग की मौसी उसकी मदद करती थी। मई माह में पुलिस स्टेशन में मामला दर्ज होने के बाद से दोनों फरार हो गये थे। तत्पश्चात फरार दोनों ने पालघर कोर्ट से अंतरिम जमानत प्राप्त की थी। १९ जुलाई को जमानत अवधि समाप्त होते ही पुलिस ने दोनों को धर दबोचा। पालघर न्यायालय ने दोनों को २८ जुलाई तक पुलिस हिरासत में रखने का आदेश दिया है।

पवार की सोच पैसे पर ही केंद्रित है। : राज ठाकरे

पुणे, २१ जुलाई- निजी शैक्षणिक संस्थानों में परप्रांतियों, खासकर उत्तर भारतीयों को कथित रूप से प्राथमिकता देने के खिलाफ जारी अभियान के तहत महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (मनसे) अध्यक्ष राज ठाकरे ने केंद्रीय कृषि मंत्री और राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) अध्यक्ष शरद पवार की आलोचना करते हुए कहा कि उनकी सोच पैसे पर ही केंद्रित है।
पवार ने कल राज ठाकरे को सलाह दी थी कि शैक्षणिक संस्थानों में तोड़फोड़ करने वाले ये न भूलें कि ये हजारों छात्र फीस, भोजन, निवास और अन्य जरूरतों पर लाखों रुपए खर्च करते हैं, उससे स्थानीय विकास ही होता है।
ठाकरे ने पवार की आलोचना करते हुए कहा कि वे पुणे के इन ‘छोटे-मोटे’ मामलों में पड़ने के बजाय अपनी सरकार बचाने की फिक्र करें।
इस वर्ष फरवरी से महाराष्ट्र में उत्तर भारतीयों के खिलाफ मनसे ने अभियान छेड़ा है और हाल में पार्टी ने उन शैक्षणिक संस्थानों को निशाना बनाया है जो कथित रूप से मराठी भाषी और स्थानीय छात्रों की उपेक्षा करते हैं और परप्रांतीय छात्रों को प्राथमिकता देते हैं।
राज ने आरोप लगाया कि शिक्षा को व्यवसाय बना दिया गया है और निजी शिक्षण संस्थानों को प्रवेश सूचियां जारी करने की चुनौती दी है। उन्होंने कहा कि मराठी भाषी और स्थानीय छात्रों की कीमत पर उत्तर भारतीय छात्रों को प्राथमिकता देने वाले शैक्षणिक संस्थानों के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा।

लोन फैक्ट्री शुरू करेगी बैंक ऑफ बड़ौदा

मेरठ, २१ जुलाई- बैंक ऑफ बड़ौदा अपने ग्राहकों को ऋण उत्पादों की बेहतर सेवा प्रदान करने के लिए मेरठ में 'लोन फैक्ट्री' शुरू करेगी। 'लोन फैक्ट्री' बैंक का रिटेल बुटीक जैसा होगा। जिसमें बैंक के तमाम ऋण उत्पाद ग्राहकों को उपलब्ध होंगे। जिले की सभी शाखाओं में आने वाले ऋण आवेदनों को लोन फैक्ट्री में ही निस्तारित किया जाएगा। इस फैक्ट्री यानि बुटीक में बैंक सिर्फ एडवांस देने का ही काम करेगी।
स्थापना के १०१ वें वर्ष में ग्राहकों को बेहतर सुविधाएं प्रदान करने के क्रम में बैंक सभी महानगरों में इस तरह की लोन फैक्ट्री शुरू करने जा रही है। उन शहरों की सूची में बैंक ने मेरठ को भी शामिल किया है। बैंक लोन फैक्ट्री के नाम से जानी जाने वाली शाखा में ग्राहकों को एजूकेशन, हाऊसिंग, एमएसएमई, आटो तथा रिटेल लोन आदि प्रदान करेगी।

'अर सिख हूं...रन में तब जूझ मरूं' : मनमोहन सिंह

नई दिल्ली, २१ जुलाई-परमाणु करार मुद्दे पर वामदलों के समर्थन वापसी के बाद विश्वास प्रस्ताव पेश करते हुए प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने नौवें सिख गुरु गोविन्द सिंह की वाणी का हवाला देकर कर कहा कि वह एक सिख हैं जो रण छोड़ने की बजाय लड़कर मरने का वरदान चाहता है।
१४ वीं लोकसभा के १४ वें सत्र में एक पंक्ति का विश्वास प्रस्ताव पेश करने के बाद अपने संक्षिप्त संबोधन का समापन प्रधानमंत्री ने गोविन्द सिंह की इन पंक्तियों से किया....
'देहु शिवा वरमोहे शुभ करमन तें कबहुं न टरूं।
न डरूं अरौं जब जाए लडूं निश्चय कर अपनी जीत करूं।।
अर सिख हूं अपने ही मन सौं इहि लालच हों गुन तौं उचरौं।
जब आव की औंध निधान बनौ अत हि रन में तब जूझ मरूं।।'
प्रधानमंत्री द्वारा विश्वास प्रस्ताव पेश करते वक्त गुरूवाणी के जरिये खुद को सिख बताने के राजनीतिक निहितार्थ निकाले जा रहे हैं और इसे देश के पहले सिख प्रधानमंत्री की सरकार के खिलाफ मतदान करने के मुद्दे पर अकाली दल में कथित मतभेद से जोड़कर देखा जा रहा है।

सरकार ने हमारा विश्वास तोडा : मोहम्मद सलीम

नयी दिल्ली, २१ जुलाई-सरकार पर विश्वास तोड़ने का आरोप लगाते हुए मार्र्क्सवादी कमयुनिस्ट पार्टी ने आज कहा कि वामदलों ने न्यूनतम साझा कार्यक्रम के आधार पर संप्रग को समर्थन दिया था और साझा कार्यक्रम यह नहीं था कि अमेरिका के साथ साझोदारी की जाये।
माकपा नेता मोहम्मद सलीम ने आज लोकसभा में संप्रग सरकार द्वारा पेश विश्वास प्रस्ताव पर चर्चा में हिस्सा लेते हुए कहा कि वामदलों ने शुरू से भारत अमेरिकी परमाणु करार का विरोध किया है और शुरू में ही कहा था कि यह डील हमें गवारा नहीं। उन्होंने कहा कि वामदलों ने न्यूनतम साझाा कार्यक्रम के आधार पर संप्रग को समर्थन दिया था। उन्होंने कहा कि साझा कार्यक्रम यह नहीं था कि अमेरिका के साथ साझेदारी की जाये।सलीम ने सरकार पर इस करार को लेकर जल्दबाजी करने और गोपनीयता बरतने का आरोप लगाते हुए कहा कि उसने मंहगाई सच्चर समिति की सिफारिशों को लागू करने और असंगठित मजदूरों जैसे न्यूनतम साझा कार्यक्रम के सवालों पर तेजी नहीं दिखाई जितनी उसने करार को लेकर दिखाई।
माकपा नेता ने सरकार पर राजनीतिक विरोध से निपटने के लिए केन्द्रीय जांच ब्यूरो का इस्तेमाल करने का भी आरोप लगाया। उन्होंने यह भी ेहा कि सरकार बचाने के लिए होल सेल के साथ साथ कुछ रिटेल डील की जा रही है। उन्होंने सवालिया लहजे में कहा कि क्या यह सब राष्ट्रीय हित के लिए किया जा रहा है। यह पूरा देश देख रहा है।